Rabindranath Tagore Jayanti 2026: दीपों की रोशनी और रवींद्र संगीत के बीच मनाई गई टैगोर की 165वीं जयंती
Rabindranath Tagore Jayanti 2026: दीपों और रवींद्र संगीत के बीच मनाई गई टैगोर की 165वीं जयंती, लखनऊ में सजा सांस्कृतिक उत्सव
Rabindranath Tagore 165th Jayanti 2026
Rabindranath Tagore 165th Jayanti: लखनऊ में रवींद्रनाथ ठाकुर की 165वीं जयंती के अवसर पर लखनऊ बंगीय नागरिक समाज की ओर से गुरुवार को भव्य सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन नव-निर्मित रवीन्द्र उपवन में किया गया, जो हिंदी संस्थान और डीएम आवास के सामने एम.जी. मार्ग पर स्थित है। दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ यह आयोजन रात 8 बजे तक चला, जिसमें साहित्य, संस्कृति और समाज से जुड़े अनेक गणमान्य लोग शामिल हुए।
माल्यार्पण और वंदे मातरम् के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर की विशाल प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। समाज के संरक्षक एवं समाजसेवी सुधीर हलवासिया ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान वंदे मातरम् का सामूहिक पाठ किया गया और उपस्थित लोगों के बीच मिठाइयों का वितरण भी हुआ। राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के नाम पर पौधारोपण भी किया गया।
काव्य पाठ और विचार गोष्ठी में गूंजे गुरुदेव के विचार
दोपहर 3 बजे से आयोजित काव्य पाठ और विचार गोष्ठी में कई साहित्यकारों और वक्ताओं ने गुरुदेव ठाकुर के साहित्य, विचारों और समाज के लिए उनके योगदान पर अपने विचार रखे। इस अवसर पर रत्ना बापुली, डॉ. माधवी मिश्रा, विजय कुमारी मौर्य, मुकेशनंद, कृष्णानंद श्री, डॉ. शरद पांडेय, शशांक, प्रवीण कुमार शुक्ल 'गोबर गणेश', एस.के. मिश्रा ‘भ्रमर बैसवारी’, संजय मेहरोत्रा हमनवा, रामराज भारती, दिनेश सोनी, भारती पायल और ज्योति किरण रतन सहित कई वक्ताओं ने अपनी प्रस्तुतियां दीं।
‘सेरा बांगाली सम्मान’ समारोह रहा आकर्षण का केंद्र
शाम 6 बजे आयोजित 'सेरा बांगाली (अमूल्य बांगाली) सम्मान' समारोह कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। इस दौरान श्रीमती एवं श्री बादल चटर्जी, नितिन डे, अशोक डे, ए.के. सक्सेना, किशोर डे, निहार डे, डॉ. यू.के. मुखर्जी, आई.एस. भट्टाचार्य, असीम रॉय और पंकज बोस को सम्मानित किया गया। वहीं वरिष्ठ नागरिक सम्मान से कृष्णानंद श्री, डी.के. पाल, प्रवीण कुमार शुक्ल 'गोबर गणेश', एस.सी. चौबे और एस.सी. जोहरी को नवाजा गया।
रवींद्र आवृत्ति और दीपदान ने बांधा समां
कार्यक्रम में मिट्ठू रॉय, डॉ. उत्तम मुखर्जी और सोनाली मित्रा गोस्वामी ने गुरुदेव की कविताओं और गीतों का भावपूर्ण रवींद्र आवृत्ति पाठ प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। शाम 7 बजे दीपदान कार्यक्रम के साथ पूरे आयोजन को विशेष आध्यात्मिक स्वरूप मिला। इस दौरान रोहित अग्रवाल, डॉ. जे.बी. घोष, रुपेश मंडल, हरीश चंद दत्ता, डॉ. वी.के. दत्ता, एस.एन. पाल, मालविया दत्ता, हर्ष कुमार, ए.के. बोस, पी.के. श्रीवास्तव, अनूप शरण सिंह, सज्जन तिवारी, रीना चैटर्जी, दीपक हलधर, सीए नरेश चंद्र अग्रवाल, सुभाष चंद्र सिंघल और पाल प्रवीन सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
सरकार के सामने रखी गईं नई मांगें
कार्यक्रम के अंत में मुख्य संयोजक पी.के. दत्ता ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की गई कि हनुमान सेतु से डालीगंज जाने वाले मार्ग का नाम 'वंदे मातरम् मार्ग' रखा जाए तथा वहां बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की प्रतिमा स्थापित की जाए। इसके अलावा फैजुल्लागंज वार्ड नंबर-1 के एक मार्ग का नाम आजाद हिंद फौज के नाम पर करने की भी मांग दोहराई गई। कार्यक्रम का समापन गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर द्वारा रचित 'जन गण मन' के सामूहिक गायन के साथ हुआ।