बीजेपी का ‘5 पाॅइंट फाॅर्मूला’ तैयार! बंगाल वाले इस दांव से यूपी में फिर खिलेगा कमल, विपक्ष के लिए खतरे की घंटी

UP Politics: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली बड़ी सफलता के बाद अब भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए नई रणनीति पर तेजी से काम कर रही है।

Update:2026-05-07 12:50 IST

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UP Politics: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली बड़ी सफलता के बाद अब भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए नई रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। पार्टी का लक्ष्य बंगाल मॉडल को यूपी में लागू कर जमीनी स्तर पर संगठन को और मजबूत बनाना है। बीजेपी ने इसके लिए करीब 1.6 लाख बूथ स्तरीय समितियों को सक्रिय करने की योजना बनाई है। माना जा रहा है कि पार्टी बूथ प्रबंधन को चुनावी जीत का सबसे अहम हथियार मान रही है।

दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने करीब 80 हजार बूथों पर बेहद संगठित और सटीक रणनीति के साथ काम किया था। बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर पार्टी ने मतदाताओं तक सीधी पहुंच बनाई और ऐतिहासिक जीत दर्ज की। अब इसी मॉडल को उत्तर प्रदेश में दोहराने की तैयारी शुरू हो गई है। बीजेपी का मानना है कि यूपी जैसे विशाल और जटिल राज्य में बूथ स्तर की मजबूती ही चुनावी सफलता की कुंजी साबित हो सकती है।

सुनील बंसल-अमित शाह की अचूक रणनीति

इस पूरी रणनीति के पीछे पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल को अहम माना जा रहा है। सुनील बंसल को 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता है। उस समय उन्होंने अमित शाह के साथ मिलकर बूथ स्तर तक मजबूत संगठन तैयार किया था। अब एक बार फिर वही फॉर्मूला लागू करने की तैयारी हो रही है।

बूथों पर संगठित और सटीक रणनीति

सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी की उत्तर प्रदेश इकाई फिलहाल बूथ समितियों के सत्यापन और पुनर्गठन के काम में जुटी हुई है। हाल ही में संगठनात्मक फेरबदल के तहत इन समितियों को दोबारा तैयार किया गया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि बूथ समितियों को मजबूत किए बिना चुनावी लड़ाई में बढ़त हासिल करना मुश्किल होगा। इसलिए निष्क्रिय कार्यकर्ताओं को हटाकर सक्रिय और वफादार कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जा रही है।

संगठन तक सीमित नहीं BJP की रणनीति

बीजेपी की रणनीति सिर्फ संगठन तक सीमित नहीं है। पार्टी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की उपलब्धियों को गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है। साथ ही विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी आक्रामक रणनीति अपनाई जाएगी। बीजेपी महिलाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए विपक्ष पर महिला विरोधी राजनीति करने का आरोप भी प्रमुखता से उठाने की योजना बना रही है।

विपक्ष पर करारा वार

पार्टी समाजवादी पार्टी के PDA यानी ‘पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक’ वाले नैरेटिव का जवाब देने की रणनीति पर भी काम कर रही है। माना जा रहा है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में इस सामाजिक समीकरण का बीजेपी को नुकसान उठाना पड़ा था। अब बीजेपी योगी सरकार के कामकाज की तुलना अखिलेश यादव सरकार से करके जनता के बीच अपना पक्ष मजबूत करना चाहती है।

‘3S’ मॉडल को आगे बढ़ाने की तैयारी

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी इस बार बहुस्तरीय चुनावी रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी संगठन, सरकार और संघ यानी ‘3S’ मॉडल को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य सिर्फ चुनाव जीतना नहीं, बल्कि गांव और बूथ स्तर तक राजनीतिक पकड़ को मजबूत करना भी है। बीजेपी का मानना है कि मजबूत बूथ नेटवर्क के जरिए ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में स्थानीय नैरेटिव पर नियंत्रण बनाए रखा जा सकता है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए बीजेपी कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। यही वजह है कि पार्टी अभी से चुनावी मशीनरी को पूरी ताकत के साथ सक्रिय करने में जुट गई है। 

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