Lucknow News: लखनऊ में हुआ सीमा कपूर की आत्मकथा 'यूँ गुज़री है अब तलक' का लोकार्पण

Lucknow News: लखनऊ में लेखिका, रंगकर्मी और निर्देशिका सीमा कपूर की आत्मकथा 'यूँ गुज़री है अब तलक' का भव्य लोकार्पण हुआ। वरिष्ठ साहित्यकारों और गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी में पुस्तक का विमोचन किया गया। आठ वर्षों में लिखी गई यह आत्मकथा सीमा कपूर के संघर्ष, रंगमंच, सिनेमा और साहित्यिक जीवन की प्रेरक यात्रा को प्रस्तुत करती है।

Update:2026-07-14 19:57 IST

Seema Kapoor Autobiography (Image Credit-Newstrack)

लखनऊ। भारतीय रंगमंच, साहित्य और सिनेमा जगत की प्रतिष्ठित हस्ती सीमा कपूर की आत्मकथा 'यूँ गुज़री है अब तलक' का मंगलवार को लखनऊ में लोकार्पण किया गया। आठ वर्षों की मेहनत से तैयार इस पुस्तक में सीमा कपूर ने अपने जीवन के संघर्ष, रिश्तों, रंगमंच, सिनेमा और साहित्यिक सफर को ईमानदारी से शब्दों में पिरोया है। कार्यक्रम में साहित्य और सांस्कृतिक जगत की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं और पुस्तक को प्रेरणादायी कृति बताया।

भारतीय रंगमंच, साहित्य और सिनेमा जगत की जानी-मानी लेखिका, रंगकर्मी एवं निर्देशिका सीमा कपूर की आत्मकथा यूँ गुज़री है अब तलक का मंगलवार को लोकार्पण किया गया।


पुस्तक का लोकार्पण वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार उदय प्रताप सिंह, भारतेन्दु नाट्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. रति शंकर त्रिपाठी, बरेली के महापौर डॉ. उमेश गौतम तथा बरेली छावनी बोर्ड की सीईओ डॉ. तनु जैन ने संयुक्त रूप से किया।



 सीमा कपूर ने कहा कि यूँ गुज़री है अब तलक उनके जीवन के संघर्ष, रिश्तों, रंगमंच, सिनेमा और साहित्य की लंबी यात्रा का सच्चा आईना है। उन्होंने बताया कि इस आत्मकथा को लिखने और संवारने में उन्हें पूरे आठ वर्ष लगे।



 


उन्होंने कहा कि हर अध्याय उनके जीवन के किसी न किसी अनुभव, संघर्ष और आत्ममंथन से जुड़ा है, जिसे पूरी ईमानदारी के साथ पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया गया है।



 मुख्य अतिथि उदय प्रताप सिंह ने पुस्तक को संवेदनाओं और संघर्षों का जीवंत दस्तावेज़ बताते हुए कहा कि यह केवल आत्मकथा नहीं, बल्कि जीवन को समझने का एक सशक्त माध्यम है। डॉ. रति शंकर त्रिपाठी ने कहा कि सीमा कपूर ने रंगमंच और साहित्य दोनों क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है और उनकी यह कृति नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी सिद्ध होगी।

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