जापान के साथ दीर्घकालिक साझेदारी की ओर बढ़ रहा उत्तर प्रदेश, हाइड्रोजन और GCC सेक्टर पर जोर

UP Government: उत्तर प्रदेश सरकार जापान के साथ हाइड्रोजन तकनीक और GCC क्षेत्र में सहयोग बढ़ा रहा है। यामानाशी हाइड्रोजन समिट और नोएडा-ग्रेटर नोएडा के GCC इकोसिस्टम से निवेश को नई गति मिलेगी।

Update:2026-08-21 19:51 IST

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UP Government: उत्तर प्रदेश सरकार जापान के साथ औद्योगिक और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देने की तैयारी में है। हाइड्रोजन तकनीक से लेकर ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) तक, प्रदेश में जापानी निवेश और कंपनियों के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में मौजूद निवेशक हाइड्रोजन तकनीक को अपने-अपने उद्योगों में लागू करने के लिए आगे आ सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर उनके प्रतिनिधिमंडल को जापान के यामानाशी प्रिफेक्चर की यात्रा पर भेजा जाएगा, जहां वे इन तकनीकों के व्यावहारिक इस्तेमाल को करीब से समझ सकेंगे।

उन्होंने कहा कि उद्योग जगत के साथ समन्वय कर एक उपयुक्त ऑफटेकर की पहचान की जाएगी, ताकि प्रस्तावित पायलट प्रोजेक्ट को भविष्य में बड़े स्तर पर विस्तार दिया जा सके और इसके आधार पर एक व्यावसायिक मॉडल तैयार हो।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अक्टूबर 2026 में यामानाशी में होने वाले इंटरनेशनल हाइड्रोजन समिट में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल भी हिस्सा लेगा। इससे हाइड्रोजन क्षेत्र में तकनीकी सहयोग और निवेश की संभावनाओं को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में GCC का मजबूत इकोसिस्टम

मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार हो रहा है। उन्होंने जापानी GCC कंपनियों को उत्तर प्रदेश में आने, निवेश करने और अपना कारोबार स्थापित करने का न्योता दिया।

उन्होंने बताया कि इस दिशा में एक एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य सिर्फ निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि जापान के साथ दीर्घकालिक और विश्वास आधारित साझेदारी स्थापित करना है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश चाहता है कि जापानी कंपनियां प्रदेश में आएं, यहां निवेश करें, उत्पादन करें और उत्तर प्रदेश को आधार बनाकर पूरे भारत के साथ-साथ वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाएं।

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