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Lucknow News: उत्तर प्रदेश में ऊर्जा संरक्षण को लेकर योगी सरकार का बड़ा फैसला। मंत्रियों और अधिकारियों से सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल, वाहन फ्लीट कम करने और डिजिटल माध्यम अपनाने की अपील।
Lucknow News: उत्तर प्रदेश में ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। इसी कड़ी में अब कई सरकारी कार्यालयों और संस्थानों में नई कार्य व्यवस्था लागू की गई है। प्रधानमंत्री के ऊर्जा संरक्षण से जुड़े संदेश को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया।नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों के काम करने के समय में बदलाव किया गया है। साथ ही कार्यालयों में बिजली और संसाधनों के कम इस्तेमाल पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि ऊर्जा की बचत हो और लोगों को भी इसके लिए प्रेरित किया जा सके।
भोजनावकाश का समय भी तय
जारी आदेश में कर्मचारियों के लिए दोपहर 1:30 बजे से 2 बजे तक भोजनावकाश निर्धारित किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कहा गया है कि सभी कर्मचारी नए नियमों का पालन करेंगे। यह आदेश कुलसचिव डॉ. Bhavana Mishra के हस्ताक्षर से जारी किया गया है। प्रशासन का कहना है कि ऊर्जा बचत को लेकर सरकार गंभीर है और इसी दिशा में यह कदम उठाया गया है।
परीक्षाओं पर नहीं पड़ेगा असर
विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नई कार्य व्यवस्था का छात्रों की परीक्षाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सभी परीक्षाएं पहले से तय समय-सारिणी के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी। छात्रों और अभिभावकों को चिंता न करने की सलाह दी गई है। प्रशासन का कहना है कि परीक्षा से जुड़े सभी काम पहले की तरह सामान्य रूप से चलते रहेंगे।
सीएम योगी ने मंत्रियों से की खास अपील
ऊर्जा संरक्षण को लेकर Yogi Adityanath ने भी मंत्रियों और अधिकारियों से खास अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि शासन में मितव्ययिता और ऊर्जा बचत की नई कार्यसंस्कृति विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने मंत्रिमंडल के सदस्यों से सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने को कहा है। मुख्यमंत्री का मानना है कि यदि मंत्री और अधिकारी खुद ऐसा करेंगे तो आम लोगों में भी अच्छा संदेश जाएगा।
वाहन फ्लीट कम करने की सलाह
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों से अपने वाहन काफिले को 50 प्रतिशत तक कम करने की अपील भी की है। उनका कहना है कि इससे ईंधन की बचत होगी और अनावश्यक खर्च कम होगा। इसके अलावा उन्होंने अगले छह महीने तक प्रदेश सरकार के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को जरूरी परिस्थितियों को छोड़कर विदेश यात्राओं से बचने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य खर्च कम करने के साथ-साथ ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देना है।
सार्वजनिक परिवहन और डिजिटल माध्यम पर जोर
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और अधिकारियों से मेट्रो, बस, ई-रिक्शा, कारपूलिंग और साइकिल जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग जरूर किया जाए। इसके साथ ही शासन और प्रशासनिक कार्यों में डिजिटल और वर्चुअल माध्यमों के ज्यादा इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि अंतरजनपदीय बैठकें, प्रशिक्षण कार्यक्रम और विधानसभा-विधान परिषद की स्टैंडिंग कमेटियों की बैठकें अधिक से अधिक हाइब्रिड मोड में आयोजित की जाएं। सरकार का मानना है कि इससे समय, ऊर्जा और सरकारी संसाधनों की बचत होगी और लोगों के बीच ऊर्जा संरक्षण का संदेश भी जाएगा।