Mahoba News: भाजपा जिलाध्यक्ष और दीपाली तिवारी में सुलह, आरोप-प्रत्यारोप के बाद थमा विवाद

Mahoba News: महोबा में भाजपा जिलाध्यक्ष और दीपाली तिवारी के बीच विवाद खत्म। जांच के बाद दोनों में समझौता, आरोपों को बताया भ्रम।

By :  Imran Khan
Update:2026-04-29 13:50 IST

Mahoba News: जिले में भारतीय जनता पार्टी के भीतर पिछले कई दिनों से चल रहा विवाद आखिरकार सुलझ गया है। भाजपा जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा और पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बाद पैदा हुआ सियासी घमासान अब शांत हो गया है। प्रदेश स्तर की जांच समिति के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया है।

क्या था पूरा मामला

यह विवाद उस समय शुरू हुआ था जब दीपाली तिवारी ने जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा पर पद के बदले अनुचित मांग (हमबिस्तर होने का आरोप) लगाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने जांच के आदेश दिए। प्रदेश उपाध्यक्ष कमलावती सिंह और क्षेत्रीय महामंत्री संत विलास शिवहरे को जांच के लिए महोबा भेजा गया। दोनों नेताओं ने दो दिनों तक लगातार बैठकें और पूछताछ की।

तीन बार बदला बयान, फिर हुआ समझौता

मामले में सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि दीपाली तिवारी ने तीन बार अपना बयान बदला। पहले उन्होंने समझौता किया, फिर पुलिस कार्रवाई की बात कही, और अंत में दोबारा समझौते की घोषणा कर दी।

अब उन्होंने स्पष्ट किया है कि:

उनके और जिलाध्यक्ष के बीच कोई मतभेद नहीं है

जो कुछ हुआ वह भ्रम और गलतफहमी के कारण हुआ

उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं है

उन्होंने कहा कि वह मानसिक रूप से व्यथित थीं, जिसकी वजह से उनके बयान बदलते रहे।

दोनों पक्षों ने अपनाया नरम रुख

जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा ने भी मामले पर नरम रुख अपनाते हुए कहा कि कुछ लोगों ने दोनों के बीच गलतफहमी पैदा की। उन्होंने कहा कि:

दीपाली तिवारी उनके लिए छोटी बहन समान हैं

विवाद के दौरान कही गई बातों पर उन्हें खेद है हालांकि, उन्होंने उन लोगों का नाम नहीं बताया, जिन्होंने विवाद को बढ़ाने का काम किया।

जांच समिति का बयान

प्रदेश उपाध्यक्ष कमलावती सिंह ने बताया कि जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि मामला गलतफहमी और बाहरी हस्तक्षेप का परिणाम था। उन्होंने कहा कि:

दीपाली तिवारी पार्टी में बनी रहेंगी

इस समझौते के बाद जहां विवाद शांत हो गया है, वहीं तीन बार बयान बदलने और गंभीर आरोपों के बाद अचानक हुए समझौते को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। लोग इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग कयास लगा रहे हैं।

Tags:    

Similar News