Mainpuri News: बिना जांच के लेखपाल को किया निलंबित, अब कार्रवाई वापस लेने की लिखी गई चिट्ठी
Mainpuri News: जांच के बिना निलंबन के बाद एसडीएम ने कार्रवाई वापस लेने की संस्तुति की
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Mainpuri News: मैनपुरी जिले की भोगांव तहसील में विरासत से जुड़ा एक मामला प्रशासनिक लापरवाही और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। बिना जांच और स्पष्टीकरण के लेखपाल असित यादव को निलंबित कर दिया गया। यह मामला चिरावर ग्रामसभा के दुर्जनपुर गांव का है, जहां राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय लेखपाल ने विपक्षियों से मिलीभगत कर गलत व्यक्ति के नाम विरासत दर्ज कर दी।
शिकायत की जांच के बाद आरोप सही पाया गया और इसी आधार पर भोगांव की एसडीएम संध्या शर्मा ने किशनी तहसील में तैनात असित यादव के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति भेज दी। इसके बाद किशनी के एसडीएम गोपाल शर्मा ने बिना स्पष्टीकरण लिए ही निलंबन आदेश जारी कर दिया।
तकनीकी गड़बड़ी से गलत नाम आया सामने
बाद में जांच में स्पष्ट हुआ कि नामांकन में गड़बड़ी तकनीकी कारणों से हुई थी। कंप्यूटर के प्रिंटर में खराबी के कारण वास्तविक दोषी लेखपाल शैलेंद्र यादव की जगह असित यादव का नाम सिस्टम में दर्ज हो गया। मामले की गहराई से जांच होने पर यह बात सामने आई कि विरासत दर्ज होने के समय असित यादव की तैनाती मुढ़ई ग्रामसभा में थी, ना कि दुर्जनपुर में।
प्रशासन ने मानी गलती, वापस लिया निलंबन
जैसे ही मामला मीडिया में आया, एसडीएम संध्या शर्मा ने गलती स्वीकारते हुए तकनीकी खामी को इसका कारण बताया। उन्होंने एक नया पत्र जारी कर असित यादव के निलंबन को वापस लेने की सिफारिश की। उन्होंने कहा कि प्रिंटर की खराबी के चलते नाम स्पष्ट नहीं दिखा और इसी कारण गलत व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई हो गई।
प्रशासनिक प्रणाली पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली की गंभीरता पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। बिना प्राथमिक जांच और तथ्यों की पुष्टि के किसी सरकारी कर्मचारी को निलंबित कर देना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि यह अधिकारियों की जल्दबाज़ी और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को भी दर्शाता है।