Mathura News: वृंदावन बैरियर पर अवैध वसूली के आरोप, वायरल वीडियो से ट्रैफिक व्यवस्था पर उठे सवाल
Mathura News: मथुरा के वृंदावन बैरियर से जुड़े वायरल वीडियो में कथित अवैध वसूली के आरोप सामने आए हैं। वीडियो के बाद ट्रैफिक व्यवस्था और पुलिस भूमिका पर सवाल उठे हैं, हालांकि प्रशासनिक जांच अभी बाकी है।
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Mathura News: वृंदावन के पागल बाबा मंदिर के पास लगे ट्रैफिक बैरियर से जुड़े कुछ वीडियो सामने आने के बाद व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि रात 9 बजे के बाद यह बैरियर ट्रैफिक नियंत्रण की जगह अवैध वसूली का केंद्र बन जाता है। हालांकि वीडियो की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच होना बाकी है।
पहले वीडियो में एक बस चालक को बैरियर पर मौजूद लोगों से बातचीत करते हुए देखा जा सकता है। बातचीत के कुछ ही देर बाद बस को शहर के अंदर प्रवेश मिल जाता है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि यदि शहर में वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है तो बस को अंदर जाने की अनुमति किस आधार पर दी गई।दूसरे वीडियो में कुछ लोग ट्रैफिक कर्मी के आसपास खड़े दिखाई देते हैं। कैमरा दिखाई देने पर वे वहां से हट जाते हैं। बाद में वही लोग कुछ दूरी पर जाकर अपने पर्स से पैसे निकालते नजर आते हैं। वीडियो में यह स्पष्ट नहीं है कि पैसों का उद्देश्य क्या था, लेकिन इस दृश्य ने लोगों के बीच चर्चा को जन्म दे दिया है।तीसरे वीडियो में बैरियर के पास बने पुलिस बूथ के अंदर कुछ लोग प्रवेश करते दिखाई देते हैं। इसके बाद वहां पैसों की गिनती होती नजर आती है। वीडियो में एक पुलिसकर्मी भी दिखाई दे रहा है। हालांकि यह रकम किस वजह से लाई गई और उसका क्या उद्देश्य था, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इन वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में कई सवाल उठ रहे हैं। क्या वास्तव में बैरियर पर नियमों के बजाय पैसों के आधार पर वाहनों को प्रवेश दिया जा रहा है? क्या इन वीडियो की निष्पक्ष जांच होगी? क्या वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की जाएगी और पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जाएगी?वृंदावन को जाम मुक्त बनाने की जिम्मेदारी प्रशासन और ट्रैफिक विभाग पर है। ऐसे में यदि लगाए जा रहे आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि जनता के विश्वास को भी ठेस पहुंचाने वाला मामला होगा। फिलहाल सभी की निगाहें संभावित जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं। प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।