Mau News: मंत्री जी, यह घमंड ठीक नहीं! मऊ में ट्रेन उद्घाटन पर भिड़े एके शर्मा और सांसद राजीव राय
Mau News: मऊ के दोहरीघाट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन उद्घाटन कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री A. K. Sharma और सांसद Rajeev Rai के बीच मंच पर तीखी बहस हुई।
Mau News: मऊ के दोहरीघाट रेलवे स्टेशन पर सोमवार को उस वक्त भारी बवाल मच गया, जब एक सरकारी कार्यक्रम अखाड़े में तब्दील हो गया। मौका था दोहरीघाट-औड़िहार मेमू ट्रेन के उद्घाटन का, लेकिन यहां रेल की पटरी से ज्यादा राजनीति की तपिश महसूस की गई। प्रदेश के कद्दावर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और घोसी के सपा सांसद राजीव राय के बीच मंच पर ही तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि सपा और भाजपा कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए और जमकर धक्का-मुक्की हुई। हालात को काबू करने के लिए पुलिस और आरपीएफ को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
'मंत्री जी, आपको अहंकार हो गया है'
विवाद की शुरुआत तब हुई जब सपा सांसद राजीव राय अपने समर्थकों के साथ कार्यक्रम में पहुंचे। आरोप है कि पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें और उनके साथियों को रोकने की कोशिश की। इससे गुस्साए सांसद सीधे मंच पर जा पहुंचे और ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को उंगली दिखाते हुए खरी-खोटी सुना दी। राजीव राय ने भरे मंच पर कहा, "मंत्री जी, यह ठीक नहीं है। मैं यहां का सांसद हूं और मेरे कार्यकर्ताओं को पुलिस धक्का दे रही है। आप मंत्री बन गए हैं तो आपको अहंकार हो गया है, लेकिन यह घमंड ठीक नहीं है।" सांसद के तेवर देख मंच पर मौजूद अधिकारी और नेता सन्न रह गए।
'मामा' की ट्रेन या सांसद की मेहनत?
इस पूरे हंगामे की जड़ में 'श्रेय लेने की राजनीति' छिपी हुई है। दरअसल, ऊर्जा मंत्री एके शर्मा इस इलाके से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं और उन्होंने इस ट्रेन के लिए रेल मंत्रालय से लगातार संवाद करने का दावा किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसे जनता के लिए अपना उपहार बताया। दूसरी तरफ, सांसद राजीव राय ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि यह ट्रेन उनकी मेहनत और संसद में उठाए गए मुद्दों का नतीजा है। उद्घाटन के समय यही 'क्रेडिट वॉर' सड़क पर आ गई। भाजपा और सपा के कार्यकर्ता अपनी-अपनी पार्टी के पक्ष में नारेबाजी करने लगे, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पुलिसिया धक्का-मुक्की और दो घंटे का बवाल
दोपहर करीब ढाई बजे शुरू हुआ यह हंगामा करीब दो घंटे तक चला। सपा नेता अखिलेश राठौर और दिवंगत विधायक सुधाकर सिंह के बेटे सुजीत सिंह जब मंच पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तो पुलिस अधिकारियों ने उन्हें कथित तौर पर धक्का देकर नीचे उतार दिया। इससे नाराज होकर सांसद और उनके समर्थक भड़क गए। स्टेशन परिसर 'जय श्री राम' और सपा के समर्थन वाले नारों से गूंज उठा। किसी तरह पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया और मंत्री व सांसद ने भी कार्यकर्ताओं से शांति की अपील की। शाम 4 बजे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ट्रेन को हरी झंडी दिखाई, लेकिन तब तक पूरी सुर्खियां इस राजनीतिक टकराव ने बटोर ली थीं।
'चंद गुंडों ने घोसी के इतिहास पर काला धब्बा लगाया'
हंगामे के बाद सांसद राजीव राय ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि घोसी की राजनीति में हमेशा आपसी सम्मान रहा है, लेकिन भाजपा के कुछ "ठेकेदार किस्म के लोगों" ने इसे कलंकित कर दिया है। सांसद ने आरोप लगाया कि उन्हें कार्यक्रम में जाने से रोका गया और उनकी गाड़ी तक आगे नहीं बढ़ने दी गई। उन्होंने इसे जनता के जनादेश का अपमान बताया। इस घटना ने मऊ की राजनीति में गरमाहट ला दी है, जिससे साफ है कि आने वाले समय में यहां की सियासी जंग और भी दिलचस्प होने वाली है।