राष्ट्रपति भवन तक चले जाओ, बचोगे नहीं... ऊर्जा मंत्री एके शर्मा फिर बिजली अफसरों पर बरसे

UP News: उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने मंच से बिजली विभाग के अफसरों को रामायण और महाभारत की कहानियों के माध्यम से कड़े शब्दों में चेतावनी दी है।

Update:2025-07-24 22:27 IST

UP News: उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद शर्मा एक बार फिर तीखे तेवर में नजर आए। गुरुवार शाम अपने गृह जनपद मऊ पहुंचे, जहां इंदारा जंक्शन रेलवे यार्ड के ओवरब्रिज के भूमि पूजन कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान मंच से बिजली विभाग के अफसरों को रामायण और महाभारत की कहानियों के माध्यम से कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा यहां से आप दिल्ली तक भागेंगे, राष्ट्रपति भवन तक भी भागेंगे, तो भी कोई बचाने वाला नहीं मिलेगा।

रामायण की चौपाई से दी चेतावनी

ऊर्जा मंत्री ने मंच से रामायण की प्रसिद्ध चौपाई "विनय न मानत जलधि जड़, गए तीन दिन बीत, बोले राम सकोप तब, भय बिनु होइ न प्रीति" का पाठ कर कहा कि अब विनय का समय बीत चुका है। हमने तीन साल तक मिन्नतें करके समझाया। अब केवल एक रास्ता बचा है "भय बिनु होइ न प्रीति" अगर कोई यह सोचता है कि मंत्री के पास ट्रांसफर या सस्पेंड करने का पावर नहीं है, तो वह भ्रम में है। ऐसे सभी लोग चाहे दिल्ली जाएं, राष्ट्रपति भवन या कहीं और बचने वाले नहीं हैं। न कोई आपके साथ खड़ा रहेगा।

आप सब मेरी आंख-कान बनिए

उन्होंने आगे कहा अगर आपको लगता है कि आप किसी के संरक्षण में बिजली विभाग व आम जनता को परेशान करके सुरक्षित रह सकते हैं, तो यह आपकी बहुत बड़ी भूल और भ्रम है। आम लोगों से अपील की कि वे बिजली विभाग की लापरवाही और गड़बड़ी को लेकर सतर्क रहें।अगर कोई अधिकारी लापरवाही कर रहा है, जानबूझकर बदमाशी कर रहा है, तो आप मेरी आंख, कान और दूरबीन बनिए। देखते ही देखते सारी व्यवस्था सुधर जाएगी।

जनता के लिए छोड़ी है नौकरी

उन्होंने कहा कि कुछ लोग आदतन गड़बड़ी करते हैं, और उन्हें कई बार समझाया गया है। अब “दर्शन चक्र” चल पड़ा है। उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कंस को बार-बार समझाया, लेकिन जब वह नहीं माना, तो सुदर्शन चक्र चलाना पड़ा था, उसी तरह अब हमारे पास से भी कार्रवाई का चक्र चल पड़ा है।ऊर्जा मंत्री ने मंच से कहा कि वे प्रदेश ल देश की जनता की सेवा के लिए प्रशासनिक सेवा की नौकरी छोड़कर राजनीति में आए हैं।

23 जुलाई को भी दी थी चेतावनी

हम प्रदेश की बिजली व्यवस्था सुधारने में जुटे हैं। 2012 से 2017 तक उत्तर प्रदेश में अधिकतम बिजली की मांग 12,000 मेगावाट थी। जो अब बढ़कर 30,000 मेगावाट तक पहुंच गई है। यह हमारे लिए चुनौती है, लेकिन हम पूरा करने को प्रतिबद्ध हैं। इससे पहले 23 जुलाई को लखनऊ में समीक्षा बैठक में भी मंत्री एके शर्मा ने बिजली अफसरों को फटकार लगाई थी। तब उन्होंने कहा था कि हम पब्लिक सर्विस चला रहे हैं, बनिए की दुकान नहीं है। उनके इस बयान के बाद से पूरे प्रदेश में बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है।

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