Meerut News: एक सितंबर को कमिश्नरी घेरेंगे किसान, समाधान नहीं हुआ तो जेल भरो आंदोलन

Meerut News: किसानों ने समस्याओं का समाधान नहीं होने पर 1 सितंबर को कमिश्नरी चौराहे पर महापंचायत और घेराव का ऐलान किया है, समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज होगा।

Update:2026-08-24 23:00 IST

एक सितंबर को कमिश्नरी घेरेंगे किसान, समाधान नहीं हुआ तो जेल भरो आंदोलन (Photo- Newstrack)

Meerut News: किसानों की जिला स्तर की समस्याओं का समाधान नहीं होने से नाराज भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने एक सितंबर को कमिश्नरी चौराहे पर मंडलायुक्त का घेराव करने और किसान-मजदूर महापंचायत आयोजित करने का ऐलान किया है। भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि अब किसानों का धैर्य जवाब दे चुका है। समस्याओं का समाधान होने के बाद ही किसान घर लौटेंगे। समाधान नहीं हुआ तो कमिश्नरी पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो जेल भरो आंदोलन भी होगा।

भाकियू जिलाध्यक्ष ने बताया कि 21 जुलाई को किसानों की समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी वीके सिंह को ज्ञापन सौंपकर जिला मुख्यालय का घेराव किया गया था। उस समय समस्याओं के समाधान के लिए 40 दिन का समय दिया गया था, लेकिन संगठन का दावा है कि अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद किसानों में रोष बढ़ गया है।

महापंचायत को सफल बनाने के लिए अनुराग चौधरी ने सरधना, रोहटा, जानी, डूंगर, कलीना, जटपुरा समेत करीब एक दर्जन गांवों में किसानों से संपर्क किया। इस दौरान किसानों ने बिजली के बढ़े लोड, अधिक बिल, लोड बढ़ाकर पेनल्टी वसूले जाने, स्मार्ट मीटर, ट्यूबवेलों को रात में बिजली दिए जाने और ट्यूबवेलों पर चोरी की घटनाओं की शिकायतें रखीं।

गन्ना भुगतान और खाद समितियों पर भी नाराजगी

किसानों ने गन्ना भुगतान, गन्ना मूल्य और चीनी के महंगे होने के बावजूद किसानों को बोनस नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। खाद समितियों में खाद की कमी, दो बोरी से अधिक खाद नहीं देने, ब्याज की कथित अधिक वसूली और खाद की कालाबाजारी के आरोप भी लगाए गए।

इसके अलावा नगर निगम सीमा में शामिल गांवों में विकास कार्य नहीं होने, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में कथित देरी और भ्रष्टाचार, तहसीलों में विरासत, नामांतरण व अंश निर्धारण के नाम पर अवैध वसूली, तालाबों की सफाई नहीं होने तथा तालाबों के मछली पालन के लिए ठेके पर दिए जाने से किसानों को हो रही परेशानी जैसे मुद्दे भी उठाए गए।

अस्पतालों में इलाज और डॉक्टरों की कमी का मुद्दा

भाकियू ने जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में इलाज की दिक्कतों के साथ सीएचसी-पीएचसी में डॉक्टरों और सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया। पशु अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और समय पर टीकाकरण नहीं होने की शिकायतें भी किसानों ने रखीं।

अनुराग चौधरी ने आरोप लगाया कि जिला स्तरीय अधिकारी किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेते और अधिकारियों से संपर्क करने पर भी किसानों को उचित सुनवाई नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि किसान अब परेशान हो चुका है और सुनवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन के अलावा उसके पास कोई रास्ता नहीं बचा है।

भाकियू जिलाध्यक्ष ने कहा कि एक सितंबर की महापंचायत में किसानों की समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। समाधान नहीं हुआ तो किसान कमिश्नरी से वापस नहीं लौटेंगे और अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। इसके बाद भी मांगें नहीं मानी गईं तो जेल भरो आंदोलन किया जाएगा।

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