Moradabad Census: जनगणना-2027 के प्रथम चरण का शुभारंभ, डीएम बोले- सटीक आंकड़े ही विकास की नींव
Moradabad Census: जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने अपने आवास से जनगणना अभियान का शुभारंभ करते हुए मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य की शुरुआत की।
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Moradabad Census: देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक एवं सांख्यिकीय प्रक्रिया जनगणना-2027 के प्रथम चरण की शुरुआत मुरादाबाद में शुक्रवार को औपचारिक रूप से कर दी गई। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने अपने आवास से जनगणना अभियान का शुभारंभ करते हुए मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने जनगणना को राष्ट्र निर्माण और समावेशी विकास की आधारशिला बताते हुए नागरिकों से इसमें सक्रिय सहयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि “हमारी जनगणना, हमारा विकास” केवल एक नारा नहीं, बल्कि देश के विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आबादी की गणना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शासन और प्रशासन को सटीक आंकड़ों के आधार पर योजनाएं बनाने का अवसर प्रदान करती है। जनगणना से प्राप्त जानकारी शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी संचालन में अहम भूमिका निभाती है।
डीएम ने कहा कि वर्तमान समय डेटा आधारित निर्णयों का युग है। ऐसे में सही और अद्यतन आंकड़े सरकार को संसाधनों के बेहतर प्रबंधन तथा जरूरतमंद वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि जनगणना यह सुनिश्चित करती है कि विकास की मुख्यधारा से कोई भी व्यक्ति वंचित न रह जाए और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक भी योजनाओं का लाभ पहुंचे।
उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 का पहला चरण मकान सूचीकरण और आवासीय इकाइयों की गणना से संबंधित है। इसके तहत प्रशिक्षित जनगणना कर्मी घर-घर जाकर मकानों और परिवारों से जुड़ी आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे। इसके बाद दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति की व्यक्तिगत गणना की जाएगी।
इस बार की जनगणना कई मायनों में विशेष मानी जा रही है। पहली बार जातीय गणना को भी जनगणना प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है। इसके अलावा वन ग्रामों को भी जनगणना में शामिल किया जाएगा, जिससे दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का बेहतर आकलन संभव हो सकेगा।
जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि वे जनगणना को राष्ट्रीय दायित्व समझते हुए पूरी ईमानदारी से सहयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी गणना केवल एक स्थान पर कराए और जनगणना कर्मियों को सही एवं तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराए, ताकि विकास योजनाओं के लिए सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकें।