Pratapgarh में स्नातक व शिक्षक निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण बैठक
एसडीएम व बीडीओ के साथ बैठक में तय हुआ कि स्नातक फार्म-18 व शिक्षक फार्म-19 सावधानीपूर्वक भरें। नामावलियों में डबल नाम नहीं होना चाहिए।
Pratapgarh Meeting on Revision of Graduate and Teacher Electoral Rolls (image from Social Media).
Pratapgarh News: उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) आदित्य प्रजापति की अध्यक्षता में कैम्प कार्यालय के सभागार में अर्हता तिथि 01.11.2025 के आधार पर विधान परिषद के लखनऊ खण्ड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण कार्यक्रम के सम्बन्ध में उपजिलाधिकारियों व खण्ड विकास अधिकारियों के साथ बैठक की गयी। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया है कि प्रदेश की विधान परिषद के 05 स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों यथा लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ एवं इलाहाबाद-झांसी तथा 06 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों यथा लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद एवं गोरखपुर-फैजाबाद के सदस्यों का कार्यकाल आगामी वर्ष 06 दिसंबर 2026 को समाप्त होने के कारण इन निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों का पुनरीक्षण कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावली में नाम शामिल कराने के लिए फार्म-18 में आवेदन किया जायेगा, आवेदक को अर्हता तिथि 01.11.2025 से कम से कम 03 वर्ष पूर्व स्नातक हो या इसके समकक्ष अर्हता रखता हो। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावली के नाम पंजीकृत कराने हेतु प्रारूप-18 दावा जिसमें मतदाता की फोटो मतदाता पहचान पत्र, आधार नम्बर (स्वैक्षिक), आवेदक का पूर्ण पता के साथ-साथ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की नामावली की भाग संख्या व मतदाता क्रमांक एवं जन्म तिथि भी अंकित करना होगा। इसी प्रकार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावली में नाम सम्मिलित कराने हेतु आवेदक को प्रारूप-19 पर आवेदन करना होता है, 01.11.2025 अर्हता तिथि से पहले राज्य के माध्यमिक स्तर के शैक्षिक संस्थानों में विगत 06 वर्षों में 03 वर्ष से शिक्षण कार्य किया हो। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावली के नाम पंजीकृत कराने हेतु प्रारूप-19 पर मतदाता की फोटो, मतदाता पहचान पत्र, आधार नम्बर (स्वैक्षिक), आवेदक का पूर्ण पता के साथ-साथ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की नामावली की भाग संख्या व मतदाता क्रमांक एवं जन्म तिथि भी अंकित करना होगा।
उन्होने उपजिलाधिकारियों व खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी दशा में स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचक नामावलियों में डबल नाम नही होना चाहिये, गहनता से इसकी जांच कर नामावली तैयार की जाये। उन्होने कहा कि स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान अधिक से अधिक लोगो के फार्म भराये जाये, फार्म को सावधानी पूर्वक भरा जाये जिससे किसी भी प्रकार की शिकायत न उत्पन्न हो। इसी प्रकार स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण के सम्बन्ध में अन्य महत्वपूर्ण निर्देश दिये गये।