जलभराव पर केशव का अपनी ही सरकार पर निशाना, बोले- समय पर काम होता तो...

Prayagraj Waterlogging: बारिश के बाद जलभराव पर डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य ने प्रशासन और संबंधित विभागों को घेरा। बोले- समय रहते काम होते तो स्थिति नहीं बिगड़ती।

Update:2026-08-20 13:14 IST

Prayagraj Waterlogging: बारिश के दौरान प्रयागराज में जगह-जगह जलभराव को लेकर अब प्रदेश सरकार के भीतर से ही सवाल उठने लगे हैं। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जलभराव की स्थिति पर चिंता जताते हुए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उनके बयान में व्यवस्था को लेकर नाराजगी और जिम्मेदारी तय करने का स्पष्ट संकेत दिखाई दिया।

‘समय रहते काम होते तो आज यह स्थिति नहीं आती’

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि बारिश के दौरान जलभराव से नगरवासियों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “समय रहते आवश्यक कदम उठाए गए होते तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।” उनका यह बयान सीधे तौर पर उन विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है, जिनकी जिम्मेदारी बारिश से पहले जलनिकासी और नालों की व्यवस्था दुरुस्त रखने की थी।



मौर्य ने कहा कि कारण चाहे जो भी हो, जनहित में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को तत्काल प्रभावी कदम उठाने तथा भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था करने को कहा।

बारिश ने खोली जलनिकासी व्यवस्था की पोल

प्रयागराज में बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़कों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ और स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऐसे में उपमुख्यमंत्री का यह बयान प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

खास बात यह है कि मौर्य का बयान ऐसे समय आया है जब जलभराव के लिए बारिश को कारण बताने के बजाय पहले से की गई तैयारियों की समीक्षा की जरूरत पर जोर दिया गया है। अब सवाल यह है कि बारिश से पहले नालों की सफाई, जलनिकासी और संवेदनशील इलाकों की पहचान को लेकर क्या कदम उठाए गए थे और यदि तैयारियां हुई थीं तो फिर जलभराव की स्थिति क्यों बनी?

उपमुख्यमंत्री के सवालों के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों की जवाबदेही पर नजरें टिक गई हैं। जनता को अब तत्काल राहत के साथ-साथ जलभराव से स्थायी निजात दिलाने वाली ठोस कार्रवाई का इंतजार है।

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