Raebareli News: रायबरेली में सियासत गरम, मायावती से मुलाकात पर कांग्रेस नेताओं ने शिष्टाचार बताया
Raebareli News: रायबरेली में मायावती से मुलाकात को लेकर उठी अटकलों पर कांग्रेस नेताओं ने सफाई दी। कहा— यह केवल शिष्टाचार भेंट थी, कोई गठबंधन नहीं।
Raebareli News(Photo-Social Media)
Raebareli News: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के रायबरेली दौरे के दौरान सियासी गलियारों में उस समय चर्चा तेज हो गई जब कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया और कांग्रेस एससी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम की बसपा सुप्रीमो मायावती से मुलाकात को लेकर राजनीतिक अटकलें लगाई जाने लगीं। इस पर अब दोनों नेताओं ने सामने आकर स्थिति स्पष्ट कर दी है और इसे पूरी तरह शिष्टाचार भेंट बताया है। यह मुलाकात ऐसे समय में सामने आई जब प्रदेश की राजनीति पहले से ही कई तरह की चर्चाओं और समीकरणों से गुजर रही है। इसी कारण इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगी थीं, जिन्हें कांग्रेस नेताओं ने पूरी तरह खारिज कर दिया।
“केवल हालचाल जानने गए थे” — तनुज पुनिया
कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि उनकी मुलाकात के पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं था। उन्होंने बताया कि मायावती जी की तबीयत खराब होने की जानकारी मिलने के बाद वे उनका हालचाल जानने और उनके स्वास्थ्य की कामना करने पहुंचे थे। पुनिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मुलाकात को किसी भी राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह पूरी तरह मानवीय और शिष्टाचार भेंट थी, इसका कोई राजनीतिक संदेश नहीं है।”
गठबंधन की अटकलों पर विराम
मुलाकात के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में गठबंधन की चर्चाएं तेज हो गई थीं, लेकिन तनुज पुनिया ने इन सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बसपा के बीच किसी भी तरह के गठबंधन की कोई बात नहीं हुई है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चल रही चर्चाओं पर काफी हद तक विराम लग गया है।
राजेंद्र पाल गौतम भी रहे मौजूद
इस मुलाकात में कांग्रेस एससी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम भी मौजूद थे। कांग्रेस के दो प्रमुख दलित नेताओं का बसपा सुप्रीमो से मिलना अपने आप में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा था, लेकिन दोनों नेताओं ने इसे पूरी तरह मानवीय और औपचारिक मुलाकात बताया। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात का उद्देश्य केवल मायावती के स्वास्थ्य की जानकारी लेना था, न कि किसी प्रकार की राजनीतिक चर्चा करना।
राजनीतिक हलचल पर कांग्रेस का रुख
राहुल गांधी के रायबरेली दौरे के दौरान हुई इस सफाई से यह स्पष्ट संकेत मिला कि कांग्रेस पार्टी किसी भी प्रकार की गठबंधन संबंधी अफवाहों को बढ़ने नहीं देना चाहती। पार्टी का फोकस अपने संगठन और कार्यकर्ताओं में किसी भी तरह के भ्रम को रोकने पर है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह की त्वरित सफाई से कांग्रेस ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि यूपी की राजनीति में फिलहाल किसी नए गठबंधन की संभावना नहीं है और पार्टी अपनी स्वतंत्र रणनीति पर काम कर रही है।