Raebareli News: रायबरेली में बिजली-पानी संकट को लेकर बीजेपी किसान नेता रमेश बहादुर सिंह धरने पर बैठे

Raebareli News: रायबरेली के लालगंज और सरेनी क्षेत्र में बिजली कटौती और पेयजल संकट से नाराज बीजेपी किसान नेता रमेश बहादुर सिंह जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए।

Update:2026-05-18 15:31 IST

Raebareli News

Raebareli News: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में इस समय भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप का प्रकोप जारी है। इस तपती गर्मी के बीच ग्रामीण इलाकों में हो रही भारी बिजली कटौती ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले के लालगंज और सरेनी क्षेत्र में बिजली न आने से उत्पन्न गंभीर पेयजल संकट को लेकर बीजेपी किसान नेता रमेश बहादुर सिंह आक्रोशित हो उठे। अधिकारियों की कथित उदासीनता से नाराज होकर वे कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।चिलचिलाती धूप में धरने पर बैठे बीजेपी किसान नेता रमेश बहादुर सिंह ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने भावुक और आक्रामक लहजे में कहा:

इस भीषण गर्मी में ग्रामीण क्षेत्रों की जनता पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रही है। बिजली न मिलने से नलकूप ठप पड़े हैं। इंसान तो किसी तरह गुजारा कर भी ले, लेकिन बेजुबान पशु-पक्षी पानी के अभाव में लगातार दम तोड़ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ जिले के जिम्मेदार अधिकारी रायबरेली मुख्यालय में बैठकर वातानुकूलित (एसी) कमरों की ठंडी हवा खा रहे हैं और सिर्फ अपनी कुर्सियां तोड़ रहे हैं। उन्हें जनता के दर्द से कोई सरोकार नहीं है।"मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन में हड़कंप मच गया। किसान नेता को शांत कराने और धरना समाप्त करवाने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट राम अवतार आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसान नेता को समझाने-बुझाने और आश्वासन देने का प्रयास किया, लेकिन रमेश बहादुर सिंह अपनी मांगों पर अड़े रहे।

किसान नेता ने सिटी मजिस्ट्रेट के सामने दो टूक शब्दों में कहा कि वह केवल मौखिक आश्वासनों से मानने वाले नहीं हैं। उन्होंने मांग रखी कि बिजली विभाग के जिम्मेदार आला अधिकारियों को तुरंत मौके पर बुलाया जाए, जो इस संकट के लिए जवाबदेह हैं। उन्होंने साफ किया कि जब तक बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर आकर समस्या के त्वरित समाधान का लिखित आश्वासन नहीं देते, तब तक यह धरना समाप्त नहीं होगा। कलेक्ट्रेट परिसर में किसानों का यह आक्रोश जिला प्रशासन के लिए बड़ी सिरदर्दी बना हुआ है।

Tags:    

Similar News