Raebareli News: डलमऊ महोत्सव में लोकगीतों की बहार, झूमे दर्शक
Raebareli News: डलमऊ में चल रहे कार्तिक महोत्सव में लोकगायिका प्रीति लाल ने अपने सुरों की जादूगरी से दर्शकों को भावविभोर कर दिया, दर्शक लोकगीतों पर झूम उठे।
डलमऊ महोत्सव में लोकगीतों की बहार, झूमे दर्शक (Photo- Newstrack)
Raebareli News: रायबरेली के डलमऊ में चल रहे प्रांतीय कार्तिक महोत्सव में रोजाना बेहतरीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां हो रहीं हैं। इसी क्रम में महोत्सव के मंच पर सुप्रसिद्ध लोकगायिका प्रीति लाल ने एक से बढ़कर एक लोकगीत सुनाए।
उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग की ओर से प्रस्तुत कार्यक्रम में लोकगायिका प्रीति लाल एवं उनककी सहयोगी टीम ने दर्शकों को लोकगीतों पर झूमने पर मजबूर किया। उन्होंने अपने कार्यक्रम की शुरुआत गणेश जी के आह्वाहन से की तथा "गणपति आए मोरे अंगना बाज रही शहनाई" सुनाया । उसके बाद गंगा गीत "गंगा मैया तोहरे दरसन से जियरा जुड़ाए" सुनाया जिसने दर्शकों को भावुक कर दिया।
लोकगीतों पर झूम उठे दर्शकों
लोकगीतों की श्रंखला को आगे बढ़ाते हुए मेला गीत "गाड़ी वाले दुपट्टा उड़ा जाए रे", नकटा गीत "सैयां काली साड़ी लाय देओ कमर पे खिली जाए", फिर एक और मेलागीत -"लई चल डलमऊ बाजार हो जिया न लागे घर मा" की प्रस्तुति दी।
अंत में लोकप्रिय फिल्मी लोकगीत "कजरा मोहब्बत वाला अंखियों में ऐसा डाला" सुनाकर दर्शकों को झूमने के पर बाध्य कर दिया।
कार्यक्रम की प्रस्तुति में की/बोर्ड पर अरविंद वर्मा, ढोलक पर प्रदीप कुमार, बैंजो पर शाहनवाज तथा ऑक्टोपैड पर ऋषभ ने शानदार संगत की। मधुबाला त्रिपाठी और रीता नाथ ने गायन में सहभागिता की।
कार्यक्रम के समापन पर मेले के आयोजन कर्ताओं ने पूरी टीम को पुष्पगुच्छ और प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया।