Raebareli News: विवादित होर्डिंग से सियासी हलचल, 2027 चुनाव से पहले सपा की कलह उजागर

Raebareli News: रायबरेली में यादव महासभा के विवादित होर्डिंग से सियासी हलचल बढ़ गई है। 2027 चुनाव से पहले सपा की अंदरूनी कलह सामने आई।

Update:2026-08-21 12:19 IST

Raebareli News(Photo-Social Media)

Raebareli News: आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले रायबरेली की राजनीति में समाजवादी पार्टी की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आती दिखाई दे रही है। शहर के कई प्रमुख चौराहों और इलाकों में यादव महासभा के नाम से लगाए गए विवादित होर्डिंग इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं। इन होर्डिंग में सपा के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। साथ ही उन्हें समाज विरोधी बताते हुए समाज से निष्कासित करने जैसी बातें भी लिखी गई हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में चर्चित आदित्य हत्याकांड में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष आरपी यादव समेत 14 लोगों को अदालत द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके बाद पार्टी के भीतर असंतोष और गुटबाजी की चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं।

सूत्रों और राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, आरपी यादव लंबे समय तक समाजवादी पार्टी के प्रभावशाली नेता रहे और उन्हें पार्टी नेतृत्व का भरोसा भी मिला। उनके समर्थकों का आरोप है कि पार्टी के कुछ नेताओं ने उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की। वहीं 18 अगस्त को जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए जाने की घटना भी चर्चा में रही। इसके अलावा प्रदेश सचिव शशिकांत शर्मा द्वारा जेल जाते समय आरपी यादव से मुलाकात न किए जाने को लेकर भी समर्थकों में नाराजगी बताई जा रही है।

शहर में लगे इन विवादित बैनरों ने सपा की अंदरूनी राजनीति को सार्वजनिक बहस का विषय बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि पार्टी के भीतर बढ़ता असंतोष समय रहते नहीं सुलझा, तो इसका असर 2027 के विधानसभा चुनाव में देखने को मिल सकता है। फिलहाल इस पूरे मामले पर समाजवादी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन शहरभर में लगे होर्डिंग और उनसे उठे सवाल राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।

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