Raebareli News: कच्ची शराब के काले कारोबार से मुक्त होकर अब स्वावलंबन की ओर कदम बढ़ा रहीं महिलाएं
Raebareli News: रायबरेली में कच्ची शराब के अवैध कारोबार से बाहर निकलकर महिलाएं अब स्वावलंबन की राह पर आगे बढ़ रही हैं। वे नए रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।
Raebareli News(Photo-Social Media)
Raebareli News: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जनपद में अवैध कच्ची शराब के निर्माण और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने एक बेहद सराहनीय और मानवीय पहल शुरू की है। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अंजुलता के कुशल निर्देशन और उपायुक्त स्वतः रोजगार सविता सिंह के जमीनी प्रयासों से जिले की 62 ग्राम पंचायतों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इस मुहिम के तहत, कच्ची शराब बनाने के दलदल में फंसी महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का एक बेहतर और सकारात्मक प्रयास किया जा रहा है। प्रशासनिक टीम और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की दीदियों ने मिलकर इस अभियान की कमान संभाली है।
80 महिलाएं हुईं चिन्हित, 30 को मिला समूह का साथ
इस विशेष अभियान के अंतर्गत अब तक जिले की 62 ग्राम पंचायतों से ऐसी 80 महिलाओं को चिन्हित किया गया है, जो मजबूरी या परिस्थितियों के चलते कच्ची शराब के निर्माण कार्य में लिप्त थीं। इन महिलाओं को इस अवैध धंधे से बाहर निकालने के लिए समूह की महिलाओं ने सीधा संवाद स्थापित किया। वहीं शुरुआती प्रयासों के तहत, चिन्हित की गई महिलाओं में से 30 महिलाओं को सफलतापूर्वक स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जोड़ दिया गया है। समूह से जुड़ने के बाद अब इन महिलाओं को समाज में एक नया सम्मानजनक स्थान और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
काउंसलिंग से बदलेगी बची हुई महिलाओं की जिंदगी
मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता के मुताबिक, इस अभियान का मकसद सिर्फ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि इन परिवारों का पूर्ण पुनर्वास करना है। जो बाकी बची महिलाएं हैं, उनके लिए लगातार काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। काउंसलिंग के जरिए इन महिलाओं के मन से डर को दूर किया जा रहा है। साथ ही उन्हें अवैध काम के कानूनी व सामाजिक नुकसान समझाए जा रहे हैं। वहीं रोजगार सविता सिंह ने बताया कि काउंसलिंग की प्रक्रिया तेजी से चल रही है, ताकि बची हुई सभी महिलाओं को भी जल्द से जल्द समूहों से जोड़कर वित्तीय सहायता और स्वरोजगार के साधन उपलब्ध कराए जा सकें। प्रशासन की इस संवेदनशील और सशक्त पहल से न सिर्फ गांवों में अवैध शराब पर लगाम लगेगी, बल्कि ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होकर सम्मान की जिंदगी जी सकेंगी।