Siddharthnagar News: हल्लौर में गम और अकीदत के साथ निकला मोहर्रम जुलूस, इंसानियत का दिया पैगाम
Siddharthnagar News: सिद्धार्थनगर के हल्लौर में मोहर्रम के अवसर पर ऐतिहासिक जुलूस निकाला गया। गम, अकीदत और इंसानियत के संदेश के साथ हजारों अज़ादारों ने मातम कर इमाम हुसैन को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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Siddharthnagar News: जनपद में मोहर्रम का पर्व शुक्रवार को गम, अकीदत और धार्मिक श्रद्धा के माहौल में मनाया गया। उपनगर हल्लौर में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने पारंपरिक जुलूस निकाला और हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया। पूरे क्षेत्र में "या हुसैन" की सदाओं के बीच माहौल गमगीन और भावुक बना रहा। जुलूस में शामिल अकीदतमंदों ने जंजीरी मातम और सीना-ज़नी कर कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। विभिन्न अंजुमनों द्वारा नौहाख्वानी और मर्सियाख्वानी की गई, जिससे माहौल पूरी तरह गम में डूबा नजर आया।
वक्ताओं ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने कर्बला के मैदान में ज़ुल्म और अन्याय के सामने झुकने के बजाय सच्चाई, इंसाफ और इंसानियत की रक्षा के लिए अपनी और अपने परिवार की कुर्बानी दी। तीन दिनों तक भूखे-प्यासे रहने के बावजूद उन्होंने अपने उसूलों से समझौता नहीं किया। उनकी शहादत आज भी पूरी दुनिया को अमन, भाईचारे, त्याग और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद रहा। जुलूस के पूरे मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा तथा अधिकारियों ने लगातार भ्रमण कर व्यवस्था का जायजा लिया। मोहर्रम का आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, न्याय और सच्चाई के लिए हर कुर्बानी देने की प्रेरणा देने वाला संदेश भी है। हल्लौर का ऐतिहासिक मोहर्रम हर वर्ष की तरह इस बार भी अपनी धार्मिक परंपराओं, अनुशासन और आपसी भाईचारे की मिसाल बनकर सामने आया।