Sitapur Mango Festival 2026: सीतापुर के आमों की खुशबू पहुंची विदेशों तक, मैंगो फेस्टिवल में उमड़े विदेशी सैलानी
Sitapur Mango Festival 2026: फ्रांस, कनाडा और जापान से आए पर्यटकों ने सीतापुर के मैंगो फेस्टिवल में लिया हिस्सा, आमों के स्वाद के साथ ग्रामीण उत्तर प्रदेश की संस्कृति का भी किया अनुभव।
Sitapur Mango Festival 2026 UP
Sitapur Mango Festival 2026: अपनी लुभावनी खुशबू और मीठे स्वाद के साथ अपने अनोखे नामों के लिए भी मशहूर फलों का राजा आम उत्तर प्रदेश की पहचान और उसकी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा बन चुका है। लंगड़ा, चौसा, फज़ली, तोतापरी, बम्बईया, दशहरी जैसे अनगिनत अनोखे नामों से अपनी पहचान कायम करने वाला आम की सबसे खास बात यह है कि इनकी मिठास का स्वाद भी एक दूसरे से बिलकुल जुदा है। जब आम के बागों की ठंडी छांव, गांव की मिट्टी की सोंधी खुशबू और खाट पर बैठकर आम के स्वाद के दिवानों यानी देश ही नहीं, विदेश से आए मेहमानों के बीच इस फल का स्वाद चखा जाता है तो इस देसी अंदाज का अनुभव ही निराला और यादगार बन जाता है। इसी के साथ इस माहौल में आम की फसल को तैयार करने में किसानों की मेहनत का भी बखान हो तो यह मौका अविस्मरणीय बन जाता है। सीतापुर के विंटेज विलेज रिजॉर्ट में आयोजित लखनऊ फार्मर्स मार्केट (LFM) के 14वें वार्षिक मैंगो फेस्टिवल में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां फ्रांस, कनाडा, जापान और लंदन से आए पर्यटकों ने उत्तर प्रदेश की आम संस्कृति को करीब से महसूस किया।
आम के स्वाद के साथ गांव के जीवन से हुआ परिचय
फेस्टिवल में पहुंचे विदेशी पर्यटक सिर्फ आम चखने नहीं आए थे, बल्कि वे ग्रामीण उत्तर प्रदेश की जीवनशैली, खेती की परंपराओं और प्रकृति से जुड़े अनुभवों को समझने के लिए भी उत्सुक थे। जापान से आई योसुको ने कहा कि उन्हें भारतीय आमों का स्वाद तो पसंद आया ही, लेकिन उससे भी ज्यादा लोगों का स्नेह, किसानों से मिलने का अवसर और गांव के जीवन का वास्तविक अनुभव प्रभावित कर गया।
जैज़ संगीत और आम के बागों का अनोखा संगम
कार्यक्रम में कनाडा की मेधा भट्ट ने अपनी लाइव जैज़ प्रस्तुति से माहौल को खास बना दिया। आम के पेड़ों के बीच गूंजती मधुर धुनों ने प्रकृति और संगीत का ऐसा संगम बनाया, जिसने मेहमानों को लंबे समय तक याद रहने वाला अनुभव दिया।
बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए थीं दर्जनों गतिविधियां
फेस्टिवल को परिवारों के लिए विशेष रूप से आकर्षक बनाया गया था। आम चखने के सत्र, क्विज प्रतियोगिताएं, आम खाने की प्रतियोगिता, ट्रीहाउस विजिट, ट्रेजर हंट, मिट्टी के बर्तन बनाने की कार्यशाला, कहानी सुनाने के सत्र, कविता पाठ, बैलगाड़ी और घुड़सवारी जैसी गतिविधियों में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। योग, ओरिगामी, कैलीग्राफी और स्विमिंग पूल गेम्स ने आयोजन को और भी जीवंत बना दिया।
वेलनेस और साहित्य ने भी खींचा लोगों का ध्यान
फ्रांस की वेलनेस विशेषज्ञ एस्टेल ल्यान ने प्रतिभागियों के लिए विशेष वेलनेस सत्र आयोजित किया। उन्होंने काइनेसियोलॉजी और समग्र स्वास्थ्य से जुड़ी तकनीकों की जानकारी दी। वहीं लेखिका शिंजिनी कुमार की पुस्तक 'घुमक्कड़ औरत' से प्रेरित कविता पाठ ने यात्रा, आत्म-खोज और सांस्कृतिक विविधता के विषयों को खूबसूरती से सामने रखा।
किसानों और उपभोक्ताओं को जोड़ने का मंच बना फेस्टिवल
लखनऊ फार्मर्स मार्केट की CEO ज्योत्सना कौर हबीबुल्लाह ने कहा कि यह आयोजन केवल आम का उत्सव नहीं, बल्कि किसानों को समर्थन देने, जैव विविधता को संरक्षित करने और उत्तर प्रदेश की कृषि विरासत को दुनिया तक पहुंचाने का माध्यम है। उनके अनुसार देश और विदेश से लोगों का लगातार बढ़ता जुड़ाव ग्रामीण पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं का संकेत है।
30 से अधिक फलों के पेड़ों वाला फार्म बना आकर्षण का केंद्र
बाग के मालिक अली जाफरी और उनके बेटे अब्बास जाफरी ने आगंतुकों को आम की दुर्लभ और स्थानीय किस्मों से परिचित कराया। उन्होंने अपने फार्म का भ्रमण भी कराया, जहां 30 से अधिक प्रकार के फलों के पेड़, पक्षियों की कई प्रजातियां, मछली पालन, खाद निर्माण और मुर्गी पालन जैसी गतिविधियां एक प्राकृतिक इकोसिस्टम का हिस्सा हैं। यह मॉडल बताता है कि इको-टूरिज्म किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।
टिकाऊ पर्यटन का भी दिया संदेश
फेस्टिवल में शामिल होने वाले मेहमानों को लखनऊ से कारपूलिंग और शटल सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसका उद्देश्य यात्रा के दौरान कार्बन उत्सर्जन को कम करना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। 14वें वर्ष में प्रवेश कर चुका LFM मैंगो फेस्टिवल अब उत्तर प्रदेश के सबसे लोकप्रिय मौसमी आयोजनों में शामिल हो चुका है। आम के स्वाद, ग्रामीण संस्कृति, प्रकृति और समुदाय की भावना को एक मंच पर लाने वाला यह आयोजन न केवल यादगार अनुभव देता है, बल्कि किसानों और गांवों की अर्थव्यवस्था को भी नई पहचान दिला रहा है।