Sonbhadra News: ऊर्जा राजधानी को विकास को नई रफ्तार, नेटवर्क, पर्यटन और स्वास्थ्य पर फोकस
Sonbhadra News: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोनभद्र में नेटवर्क कनेक्टिविटी, पर्यटन विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश।
ऊर्जा राजधानी को विकास को नई रफ्तार, नेटवर्क, पर्यटन और स्वास्थ्य पर फोकस (Photo- Newstrack)
Sonbhadra News: केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को सोनभद्र जनपद के सर्किट हाउस सभागार में आकांक्षी जनपद कार्यक्रम तथा सांसद निधि से संचालित विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सोनभद्र के समग्र विकास के लिए संचार व्यवस्था, पर्यटन और स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में केवल गति ही नहीं बल्कि गुणवत्ता भी दिखाई देनी चाहिए, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। बैठक के दौरान मंत्री ने विभिन्न विभागों की प्रगति रिपोर्ट का अवलोकन किया और अधिकारियों को विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क समस्या दूर करने के निर्देश
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जनपद के कई क्षेत्रों में आज भी मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। ऐसे क्षेत्रों का विस्तृत सर्वेक्षण कर कार्ययोजना तैयार की जाए और उसे शासन स्तर पर भेजा जाए, ताकि नेटवर्क कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में बेहतर संचार व्यवस्था विकास की बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है। इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं की बेहतर उपलब्धता से शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और रोजगार के अवसरों का विस्तार होगा।
सोनभद्र से आत्मीय जुड़ाव का किया जिक्र
बैठक में अपने संबोधन के दौरान हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि लगभग आठ वर्ष पूर्व जब वह उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद के रूप में सोनभद्र से जुड़े थे, तभी से यहां की जनता के साथ उनका एक आत्मीय रिश्ता कायम हो गया। उन्होंने कहा कि सोनभद्र के लोगों ने उन्हें जो सम्मान, विश्वास और स्नेह दिया, वह समय के साथ और अधिक मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि सोनभद्र देश की ऊर्जा राजधानी के रूप में प्रसिद्ध है। कोयला, चूना पत्थर, बॉक्साइट सहित अनेक खनिज संपदाओं से समृद्ध यह जिला उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के संगम पर स्थित होने के कारण विशेष महत्व रखता है।
आकांक्षी जनपद से देश का नंबर-1 जिला बनने तक का सफर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 में नीति आयोग ने सोनभद्र को देश के 112 आकांक्षी जिलों में शामिल किया था। उस समय यह जिला विकास की कई चुनौतियों का सामना कर रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्र तथा राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण सोनभद्र ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने बताया कि जुलाई 2020 में सोनभद्र नीति आयोग की डेल्टा रैंकिंग में देश का नंबर-1 आकांक्षी जिला बना। वहीं अक्टूबर-दिसंबर 2025 की डेल्टा रैंकिंग में भी जिले ने शीर्ष स्थान हासिल किया और कृषि एवं जल संसाधन क्षेत्र में देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला जिला बना।
37.80 करोड़ से 719 विकास कार्य हुए पूरे
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2018-19 से 2025-26 के बीच सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत 37.80 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 719 विकास कार्य पूरे कराए गए हैं। इनमें विद्यालय भवन निर्माण, हाईमास्ट लाइट, यात्री प्रतीक्षालय, चिकित्सा उपकेंद्रों का सुदृढ़ीकरण, सड़क निर्माण, विद्युतीकरण तथा अन्य सामुदायिक विकास कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि दूरदर्शी नेतृत्व, सुशासन और जनभागीदारी के माध्यम से बड़े परिवर्तन संभव हैं।
पर्यटन विकास के लिए बनेगी विशेष कार्ययोजना
सोनभद्र की प्राकृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने पर्यटन विकास की संभावनाओं पर विशेष बल दिया। उन्होंने जिलाधिकारी चर्चित गौड़ को निर्देश दिया कि जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और जिले की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्राप्त होगी।
मेडिकल कॉलेज में संसाधन और डॉक्टरों की कमी दूर करने पर जोर
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने राजकीय मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि मेडिकल कॉलेज में आवश्यक चिकित्सा उपकरणों, संसाधनों और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की कमी दूर करने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर आवश्यक प्रस्ताव तैयार किए जाएं, ताकि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने बताया कि मार्च 2025 में सीएसआर योजना के तहत मेडिकल कॉलेज को अत्याधुनिक जीपीएस-सक्षम एडवांस्ड कार्डियोवैस्कुलर लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई थी। इसके बाद जुलाई 2025 में मोबाइल ब्लड कलेक्शन एवं ट्रांसपोर्टेशन वैन भी प्रदान की गई, जिससे दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और मजबूत हुई है।
तीरंदाजी में भी बढ़ रही सोनभद्र की पहचान
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खेलों के क्षेत्र में भी सोनभद्र तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। विशेष रूप से तीरंदाजी को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। जिले में चार पीएसपीबी तीरंदाजी प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन कराया गया तथा स्थानीय खिलाड़ियों को आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए। इसके परिणामस्वरूप सोनभद्र देश के उभरते हुए तीरंदाजी केंद्रों में शामिल हो रहा है।
मॉडल जनपद बनाने का लक्ष्य
बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सोनभद्र लगातार विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले को एक मॉडल जनपद के रूप में विकसित करने का लक्ष्य दिया।
बैठक में समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गौड़, घोरावल विधायक डॉ. अनिल कुमार मौर्य, पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता, पूर्व राज्यसभा सांसद रामसकल, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।