Sonbhadra News: अपहरण का खुलासा, देवरिया से मनोज सकुशल मिला, दो आरोपी गिरफ्तार

Sonbhadra News: मोबाइल लोकेशन के जरिए पुलिस देवरिया पहुंची, कार से मनोज को सकुशल बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, स्विफ्ट कार और चार मोबाइल जब्त हुए।

Update:2026-08-23 22:10 IST

अपहरण का खुलासा, देवरिया से मनोज सकुशल मिला, दो आरोपी गिरफ्तार (Photo- Newstrack)

Sonbhadra News: सोनभद्र। जनपद के रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र से एक व्यक्ति के अपहरण की घटना ने पुलिस महकमे में खलबली मचा दी। रविवार को इस मामले में सोनभद्र पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तकनीकी साक्ष्यों के सहारे अपहृत मनोज कुमार पाण्डेय को देवरिया जिले से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने मौके से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट मारुति कार और चार मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।

मोबाइल लोकेशन से मिली अहम कड़ी

रॉबर्ट्सगंज थाने में दर्ज मुकदमे की जांच शुरू होते ही पुलिस ने घटना में इस्तेमाल वाहन और उससे जुड़े मोबाइल नंबरों की तकनीकी निगरानी शुरू की। इसी दौरान मोबाइल की लोकेशन देवरिया जिले के तरकुलवा थाना क्षेत्र में मिली। सूचना को गंभीरता से लेते हुए सोनभद्र पुलिस ने तत्काल देवरिया पुलिस से संपर्क साधा।

तरकुलवा पुलिस को संदिग्ध वाहन के पथरदेवा चौकी क्षेत्र में होने की जानकारी मिली। पुलिस ने वाहन को रोककर उसमें मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की। इसी बीच सोनभद्र से पुलिस टीम भी देवरिया के लिए रवाना हो गई।

कार में मिला अपहृत, दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

सोनभद्र पुलिस टीम के मौके पर पहुंचने के बाद पूछताछ और जांच में रायपुर थाना क्षेत्र के निवासी मनोज कुमार पाण्डेय के अपहृत होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने उन्हें सकुशल अपने कब्जे में लिया। मौके से जितेन्द्र यादव और शिवआसरे उर्फ मुन्ना यादव को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के अनुसार दोनों आरोपितों के पास से स्विफ्ट मारुति कार संख्या UP32KM1916 और चार मोबाइल फोन मिले हैं। मामले में रॉबर्ट्सगंज थाने में बीएनएस की धाराओं 3(5), 115(2), 333 और 140(1) के तहत मुकदमा दर्ज है।

नौकरी के नाम पर पैसे लेने का विवाद बना अपहरण की वजह

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार शिवआसरे उर्फ मुन्ना यादव ने बताया कि उसकी मनोज कुमार पाण्डेय से वर्ष 2024 में पटना में मुलाकात हुई थी। आरोपित के मुताबिक मनोज ने उसकी बेटी की रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर उससे रुपये लिए थे। नौकरी नहीं लगने और कथित रूप से रकम वापस नहीं मिलने को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।

आरोपित के अनुसार वह अपने दामाद जितेन्द्र यादव और कुछ अन्य लोगों के साथ मनोज से रुपये मांगने आया था। रकम को लेकर विवाद बढ़ने के बाद मनोज को स्विफ्ट कार में बैठाकर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान तरकुलवा पुलिस की कार्रवाई से पूरा मामला खुल गया।

तीन अन्य नाम भी जांच के घेरे में

पूछताछ के दौरान पुलिस के सामने तीन अन्य व्यक्तियों की भूमिका भी सामने आई है। इनमें बृजेश यादव निवासी महासून, थाना तुर्कपट्टी, कुशीनगर; सिपाही यादव निवासी बत्तर डेरा, थाना कसया, कुशीनगर और संगम गौड़ निवासी मंगलपुर, थाना कसया, कुशीनगर शामिल हैं।

पुलिस का कहना है कि इन लोगों की भूमिका से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर इनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अंतरजनपदीय तालमेल से पुलिस को मिली कामयाबी

अपहरण जैसे गंभीर मामले में सोनभद्र पुलिस ने तकनीकी निगरानी को कार्रवाई का आधार बनाया और समय गंवाए बिना दूसरे जिले की पुलिस से संपर्क किया। सोनभद्र और देवरिया पुलिस के बीच समन्वय से अपहृत व्यक्ति तक पहुंचने में सफलता मिली।

पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार और क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के पर्यवेक्षण में रॉबर्ट्सगंज पुलिस की टीम ने कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल अन्य लोगों की तलाश और भूमिका की जांच जारी है।

बरामदगी

मनोज कुमार पाण्डेय सकुशल बरामद

स्विफ्ट मारुति कार संख्या UP32KM1916

चार मोबाइल फोन

पुलिस की इस कार्रवाई से अपहरण की गुत्थी तेजी से सुलझी और पीड़ित को सकुशल बरामद कर लिया गया। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

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