Sonbhadra News: अंश निर्धारण के नाम पर खेल बेनकाब, कानूनगो पर निलंबन की गाज, लेखपाल हटाया गया
Sonbhadra News: सोनभद्र में राजस्व विभाग पर बड़ी कार्रवाई: जमीन के अंश निर्धारण में गड़बड़ी का खेल बेनकाब होने पर कानूनगो निलंबित, हलका लेखपाल को पद से हटाया गया। जानें पूरा मामला।
Sonbhadra News(Photo-Social Media)
Sonbhadra News: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनपद के दुद्धी तहसील क्षेत्र में राजस्व विभाग से जुड़ा एक कथित घूसखोरी का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। ग्राम मझौली में अंश निर्धारण और पत्थरगड़ी के नाम पर एक काश्तकार से रिश्वत लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित कानूनगो के खिलाफ निलंबन की संस्तुति कर दी है, जबकि क्षेत्रीय लेखपाल को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।
वीडियो वायरल होते ही खुली पोल
बताया जाता है कि ग्राम मझौली में भूमि संबंधी मामले के निस्तारण के दौरान अंश निर्धारण एवं पत्थरगड़ी की प्रक्रिया में अवैध धन की मांग किए जाने का आरोप लगा। इसी दौरान रिश्वत लेने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो तेजी से चर्चा का विषय बन गया और मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंच गया।
वीडियो सामने आने के बाद उपजिलाधिकारी दुद्धी निखिल कुमार यादव ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मामले की जांच कराई। प्रारंभिक स्तर पर आरोपों को गंभीर मानते हुए संबंधित कानूनगो अखिलेश शुक्ला के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट जिलाधिकारी सोनभद्र को भेज दी गई।
लेखपाल पर भी गिरी कार्रवाई की गाज
मामले में क्षेत्रीय लेखपाल की भूमिका भी सवालों के घेरे में आने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यक्षेत्र से हटा दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जनता से जुड़े कार्यों में लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
निर्देशों के बावजूद नहीं थम रहा भ्रष्टाचार
गौरतलब है कि जिले में भूमि विवादों के निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए जिलाधिकारी सहित उच्च प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार दिशा-निर्देश जारी किए जाते रहे हैं। इसके बावजूद राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के आरोप समय-समय पर सामने आते रहे हैं। मझौली का यह मामला भी उसी कड़ी का एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
राजस्व कर्मियों में मचा हड़कंप
कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारियों में बेचैनी का माहौल है। चर्चा है कि यदि ऐसे मामलों की व्यापक जांच कराई जाए और संबंधित कर्मियों की आय एवं संपत्तियों की पड़ताल की जाए तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वायरल वीडियो के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अधिवक्ताओं और ग्रामीणों ने किया स्वागत
जानकारी के मुताबिक दुद्धी तहसील क्षेत्र में भूमि विवाद लंबे समय से बड़ी समस्या बने हुए हैं। ऐसे में रिश्वतखोरी के आरोपों पर हुई त्वरित कार्रवाई की अधिवक्ताओं, ग्रामीणों और काश्तकारों ने सराहना की है। लोगों का कहना है कि यदि भ्रष्टाचार के मामलों में इसी तरह बिना दबाव के कार्रवाई होती रही तो आम जनता का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत होगा। फिलहाल पूरे प्रकरण की चर्चा जिलेभर में है और सभी की निगाहें अब जिलाधिकारी स्तर पर होने वाली अंतिम कार्रवाई तथा विभागीय जांच की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। प्रशासनिक सख्ती के इस कदम को राजस्व विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।