Sonbhadra News: बच्चों को ठूंसकर दौड़ रहे स्कूली वाहनों पर शिकंजा, 14 वाहन बंद
Sonbhadra News: सोनभद्र में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने अभियान चलाया। नियमों की अनदेखी पर 56 वाहनों के चालान और 14 वाहन बंद किए गए।
बच्चों को ठूंसकर दौड़ रहे स्कूली वाहनों पर शिकंजा, 14 वाहन बंद (Photo- Newstrack)
Sonbhadra News: स्कूली बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले वाहन संचालकों पर जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। बच्चों को निर्धारित क्षमता से अधिक बैठाकर सड़क पर दौड़ाने वाले वाहनों के साथ यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग ने व्यापक प्रवर्तन अभियान छेड़ दिया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के दौरान नियम तोड़ने वाले 56 वाहनों के चालान किए गए, जबकि 14 वाहनों को बंद कर दिया गया।
नियमों की अनदेखी पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
अभियान के दौरान ओवरलोडिंग से लेकर बिना फिटनेस और परमिट की शर्तों के उल्लंघन तक के मामले पकड़े गए। पांच ओवरलोड वाहनों के चालान किए गए और तीन ओवरलोड वाहनों को बंद कराया गया। बिना फिटनेस संचालित नौ वाहनों के खिलाफ चालान की कार्रवाई हुई। परमिट की शर्तों के विपरीत चल रहे 10 वाहनों के चालान काटे गए। बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले 16 चालकों तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वाले छह चालकों पर भी कार्रवाई की गई।
स्कूली वाहनों पर विशेष निगरानी
बच्चों की सुरक्षित यात्रा को लेकर ऑटो, टोटो और ई-रिक्शा सहित स्कूल आने-जाने में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है। परिवहन विभाग की टीम वाहनों की निर्धारित क्षमता, फिटनेस, जरूरी दस्तावेज और सुरक्षा मानकों की पड़ताल कर रही है। क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाने वाले वाहन संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है।
जांच में यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि स्कूली बच्चों को ले जाने वाले वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा करते हों। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित वाहन चालक और संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
चालक-संचालकों को साफ चेतावनी
एआरटीओ प्रवर्तन ने स्कूली वाहनों के संचालकों, चालकों और ई-रिक्शा चालकों को निर्देशित किया है कि निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को वाहन में न बैठाएं। वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेज, फिटनेस और सुरक्षा मानक पूरे रखना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई के लिए किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में लापरवाही को महज यातायात नियमों का उल्लंघन मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। क्षमता से अधिक बच्चों को ले जाने या सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
डीएम ने कहा, बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने संबंधित अधिकारियों को स्कूली वाहनों की जांच का अभियान लगातार जारी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराने के साथ नियम तोड़ने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने वाहन चालकों से ओवरलोडिंग से बचने, वाहनों को निर्धारित फिटनेस के साथ संचालित करने, परमिट की शर्तों का पालन करने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की।
अभिभावकों से भी सतर्क रहने की अपील
जिलाधिकारी ने अभिभावकों से कहा कि बच्चों को स्कूल भेजने के लिए केवल अधिकृत, फिट और सुरक्षा मानकों का पालन करने वाले वाहनों का ही इस्तेमाल करें। क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर चलने वाले या सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले वाहनों से बच्चों को स्कूल भेजने से बचें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ प्रवर्तन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। स्कूली वाहनों की जांच को विशेष प्राथमिकता देते हुए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बच्चों की सुरक्षित यात्रा के साथ किसी भी स्तर पर खिलवाड़ न हो।