Sonbhadra News: इमरीती कॉलोनी के जलजमाव पर प्रशासन सख्त, डीएम चर्चित गौड़ ने बनाई संयुक्त तकनीकी टीम
Sonbhadra News: सोनभद्र की इमरीती कॉलोनी में वर्षों से जारी जलजमाव की समस्या पर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कड़ा रुख अपनाया है। डीएम के निर्देश पर 6 विभागों की संयुक्त तकनीकी टीम गठित की गई है, जो जल निकासी के लिए स्थायी ड्रेनेज सिस्टम और वैकल्पिक समाधान तैयार करेगी।
Sonbhadra News: नगर पालिका परिषद सोनभद्र क्षेत्र की इमरीती कॉलोनी में वर्षों से बरसात के दौरान होने वाली जलजमाव की समस्या अब प्रशासन की प्राथमिकता बन गई है। लगातार शिकायतों और बारिश में सड़क पर खतरनाक हालात को देखते हुए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ी पहल की है।
डीएम के निर्देश पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों की संयुक्त तकनीकी टीम गठित कर मौके का निरीक्षण कराया गया है। प्रशासन का कहना है कि इस बार केवल अस्थायी राहत नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और प्रभावी व्यवस्था तैयार की जाएगी ताकि हर वर्ष लोगों को जलभराव की परेशानी से जूझना न पड़े।
2 से 3 फीट तक भर जाता है पानी, हादसों का बना रहता है खतरा
इमरीती कॉलोनी से बढ़ौली चौराहा तक स्टेट हाईवे-5ए पर हर वर्ष बारिश के दौरान गंभीर जलभराव की स्थिति बन जाती है। कई बार सड़क पर 2 से 3 फीट तक पानी भर जाता है और तेज बहाव के कारण राहगीरों व वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं।
स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, वहीं सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी लगातार बनी रहती है। बरसात के दिनों में यह मार्ग कई बार जोखिमभरा बन जाता है।
डीएम के निर्देश पर 6 विभागों की संयुक्त टीम गठित
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने छह सदस्यीय संयुक्त टीम का गठन किया है। इसमें बंधी प्रखंड-2, जल निगम ग्रामीण, जल निगम शहरी, स्टेट हाईवेज अथॉरिटी, सी एंड डी एस तथा नगर पालिका परिषद सोनभद्र के अधिकारी शामिल किए गए हैं।
टीम ने मौके पर पहुंचकर भौगोलिक स्थिति, जल निकासी के स्रोत और पानी के बहाव का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद संयुक्त रिपोर्ट भी प्रशासन को सौंप दी गई है।
इमरीती पोखरे के भरते ही हाईवे पर फैल जाता है पानी
संयुक्त सर्वे टीम की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि स्टेट हाईवे के पश्चिम दिशा के करीब दो किलोमीटर क्षेत्र का वर्षा जल इमरीती पोखरे में आकर जमा होता है।
पोखरा भर जाने के बाद अतिरिक्त पानी हाईवे के रास्ते नगर क्षेत्र की ओर बहने लगता है, जिससे सड़क और आसपास के इलाके जलमग्न हो जाते हैं। यही स्थिति हर वर्ष बड़े जलभराव का कारण बनती है।
वैकल्पिक जल निकासी और ड्रेनेज सिस्टम पर होगा काम
प्रशासन अब इस बात का परीक्षण करा रहा है कि वर्षा जल को किसी वैकल्पिक मार्ग से डायवर्ट किया जा सकता है या नहीं। साथ ही स्थायी ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की संभावनाओं पर भी काम शुरू कर दिया गया है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द व्यावहारिक और दीर्घकालिक समाधान तैयार किया जाए, ताकि आगामी वर्षा ऋतु में लोगों को राहत मिल सके।