Sonbhadra News: सोनभद्र मेडिकल कॉलेज में भुगतान संकट, लिपिक के चार्ज न सौंपने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

Sonbhadra News: सोनभद्र मेडिकल कॉलेज में वरिष्ठ लिपिक द्वारा चार्ज न सौंपने से भुगतान व्यवस्था प्रभावित, आयुष्मान योजना और स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट गहराया।

Update:2026-07-06 09:33 IST

Sonbhadra Medical College News 

Sonbhadra News:  मेडिकल कॉलेज में एक प्रशासनिक विवाद अब पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। स्थानांतरण के बाद भी वरिष्ठ लिपिक द्वारा एक माह से अधिक समय तक कार्यभार नहीं सौंपे जाने से लेखा शाखा का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो गया है। नतीजा यह है कि भुगतान प्रक्रिया लड़खड़ा गई है, वेंडरों ने जरूरी चिकित्सा सामग्री की आपूर्ति घटा दी है और आयुष्मान भारत योजना सहित कई महत्वपूर्ण सेवाएं संकट के दौर से गुजर रही हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो इमरजेंसी और ऑपरेशन जैसी जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।

भुगतान अटका, डॉक्टरों और कर्मचारियों में बढ़ी नाराजगी

लेखा संबंधी कार्य प्रभावित होने से डॉक्टरों और कर्मचारियों का वेतन काफी देरी के बाद जारी हो सका, जबकि आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि एक वर्ष से अधिक समय से लंबित है। लगातार भुगतान नहीं होने से चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ में असंतोष बढ़ गया है। इसका असर आयुष्मान योजना के संचालन पर भी पड़ रहा है और मरीजों को योजना का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा।

वेंडरों ने घटाई आपूर्ति, जांच सेवाओं पर असर

भुगतान लंबित रहने से मेडिकल कॉलेज को दवाइयां, जांच सामग्री और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने वाले वेंडरों ने आपूर्ति कम कर दी है। इसका असर ईसीजी और पैथोलॉजी जैसी महत्वपूर्ण जांच सेवाओं पर दिखाई देने लगा है। यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो ऑपरेशन थिएटर और इमरजेंसी सेवाओं के संचालन में भी बाधाएं आने की आशंका जताई जा रही है।

रोजाना हजारों मरीज, व्यवस्था पर बढ़ता दबाव

मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन करीब डेढ़ से दो हजार मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। मेडिसिन, सर्जरी और आर्थोपेडिक विभागों में ही सात से आठ सौ मरीज इलाज कराते हैं। ऐसे में वित्तीय अव्यवस्था का असर सीधे मरीजों की सुविधाओं और इलाज की गुणवत्ता पर पड़ने लगा है।

चार्ज न मिलने से थम गई लेखा शाखा की रफ्तार

स्थानांतरित वरिष्ठ लिपिक धीरज श्रीवास्तव को कार्यमुक्त किए जाने के बावजूद उन्होंने अब तक विधिवत कार्यभार नहीं सौंपा है। इसके कारण लेखा विभाग की कई महत्वपूर्ण फाइलें लंबित हैं और भुगतान से जुड़ी प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि कई बार पत्र भेजे गए, लेकिन अब तक कार्यभार हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

प्राचार्य बोले— जल्द निकलेगा रास्ता

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. आनंद कुमार ने बताया कि वरिष्ठ लिपिक को कार्यमुक्त किया जा चुका है। चार्ज सौंपने के लिए कई बार पत्राचार किया गया है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। पूरे मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

नोडल अधिकारी ने भी जताई चिंता

आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डॉ. कीर्ति आजाद बिंद ने कहा कि लंबे समय से प्रोत्साहन राशि लंबित रहने से योजना प्रभावित हुई है। इस संबंध में प्राचार्य से वार्ता कर जल्द समाधान का प्रयास किया जाएगा, ताकि मरीजों को आयुष्मान योजना का लाभ पहले की तरह सुचारु रूप से मिल सके।

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