Sonbhadra News: व्यापारियों का फूटा गुस्सा, सुरक्षा पर सवाल

Sonbhadra News: व्यापारियों ने टोल वसूली, साइबर ठगी, सड़क हादसों और रिकवरी एजेंटों की दबंगई पर पुलिस प्रशासन के सामने उठाए गंभीर सवाल।

Update:2026-05-25 19:50 IST

Sonbhadra News 

Sonbhadra: जनपद में बढ़ती अव्यवस्थाओं, सड़क हादसों, साइबर ठगी और दबंग रिकवरी एजेंटों के खिलाफ व्यापारियों का आक्रोश आखिरकार खुलकर सामने आ गया। पुलिस लाइन सभागार में आयोजित व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की बैठक में व्यापार संगठनों ने पुलिस अधिकारियों के सामने जनपद की बिगड़ती स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए। बैठक की अध्यक्षता पुलिस क्षेत्राधिकारी ट्रैफिक डॉ. चारू द्विवेदी ने की, लेकिन पूरे कार्यक्रम में व्यापारियों के निशाने पर टोल प्लाजा, फाइनेंस कंपनियां और बढ़ता अपराध रहा।

बैठक में व्यापारियों ने आरोप लगाया कि जिले के कई टोल प्लाजा पर नियमों को ताक पर रखकर मनमानी वसूली की जा रही है। आए दिन वाहन चालकों से अभद्रता और अवैध वसूली की शिकायतें सामने आती हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है। व्यापारियों ने कहा कि टोल व्यवस्था अब सुविधा कम और लोगों के लिए सिरदर्द ज्यादा बन चुकी है।

रिकवरी एजेंटों की दबंगई पर बरसे व्यापारी

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन सोनभद्र के जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा ने प्राइवेट फाइनेंस कंपनियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि रिकवरी एजेंट कानून नहीं, बल्कि दबंगई के दम पर काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्ज वसूली के नाम पर लोगों को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जा रहा है, परिवारों को धमकाया जा रहा है और मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक ने गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए स्पष्ट गाइडलाइन तय कर रखी है। एजेंट केवल निर्धारित समय में ही संपर्क कर सकते हैं और किसी भी प्रकार की धमकी या दबाव नहीं बना सकते, लेकिन जमीनी स्तर पर इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। उन्होंने लोगों से ऐसे मामलों में पुलिस से शिकायत करने की अपील भी की।

सड़क हादसों पर उठे सवाल, योजनाएं कागजों तक सीमित

बैठक में जिले में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं और मौतों का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठा। कौशल शर्मा ने कहा कि सरकार की “राहबीर योजना” और कैशलेस उपचार योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं सिर्फ फाइलों तक सिमट कर रह गई हैं। आम आदमी को इनके बारे में कोई जानकारी ही नहीं है।

उन्होंने बताया कि राहबीर योजना के तहत सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को गोल्डन आवर के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। वहीं दुर्घटना पीड़ितों के इलाज के लिए डेढ़ लाख रुपये तक की कैशलेस सुविधा भी उपलब्ध है, लेकिन जागरूकता के अभाव में जरूरतमंद इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।

व्यापारियों ने मांग की कि इन योजनाओं का बड़े स्तर पर प्रचार-प्रसार कराया जाए ताकि दुर्घटना के समय लोग मदद के लिए आगे आएं और घायल की जान बचाई जा सके।

साइबर ठगी से व्यापारी परेशान

बैठक में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई। व्यापारियों ने कहा कि कई बार साइबर ठगी का पैसा अनजाने में व्यापारियों के खातों में ट्रांसफर हो जाता है, जिसके बाद बैंक खाते फ्रीज होने जैसी बड़ी परेशानियां खड़ी हो जाती हैं। इससे कारोबार प्रभावित होता है और निर्दोष लोगों को भी कानूनी उलझनों का सामना करना पड़ता है।

व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने और साइबर मामलों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।

नशेड़ियों के आतंक से दहशत में लोग

जैत और परासी क्षेत्र में नशेड़ियों द्वारा राहगीरों को रोककर मारपीट और छिनैती की घटनाओं का मुद्दा भी बैठक में उठा। व्यापारियों ने बताया कि मुख्यालय के ब्रह्मनगर, अंबेडकर नगर, न्यू कॉलोनी और प्रभापुरम कॉलोनी जैसे इलाकों में शाम ढलते ही नशेड़ियों का जमावड़ा लग जाता है, जिससे महिलाएं और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं।

व्यापारियों ने पुलिस से नियमित गश्त बढ़ाने, संवेदनशील इलाकों में निगरानी तेज करने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ अभियान चलाने की मांग की।

बैठक में नगर अध्यक्ष प्रशांत जैन, जिला उपाध्यक्ष यशपाल सिंह, नागेंद्र मोदनवाल, दिनेश सिंह, नगर मंत्री अभिषेक, नगर संयोजक अमित अग्रवाल समेत कई व्यापारी मौजूद रहे।

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