Sonbhadra News: खूनी साजिश का हुआ अंत: 9 साल पुराने हत्याकांड में तीन दोषियों को उम्रकैद
Sonbhadra News: सोनभद्र में 9 साल पुराने हत्या मामले में अदालत ने तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पुलिस की मजबूत पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने यह बड़ा फैसला सुनाया।
Sonbhadra News
Sonbhadra News: जनपद में चर्चित हत्याकांड के मामले में आखिरकार सोमवार को अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सोनभद्र पुलिस की प्रभावी पैरवी, मजबूत साक्ष्य और लगातार मॉनिटरिंग के चलते मा० न्यायालय एएसजे प्रथम ने अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। फैसले के बाद पुलिस विभाग ने इसे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ की बड़ी सफलता माना है।पुलिस विभाग के अनुसार, प्रदेश स्तर से चलाए जा रहे अपराधियों के खिलाफ अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन और पुलिस महानिरीक्षक विंध्याचल परिक्षेत्र के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक सोनभद्र के नेतृत्व में मुकदमे की प्रभावी पैरवी कर अभियुक्तों को सजा दिलाई गई।
2017 के हत्याकांड में आया फैसला
यह मामला थाना चोपन क्षेत्र के वर्ष 2017 के चर्चित हत्याकांड से जुड़ा है। मुकदमा अपराध संख्या 118/2017 में धारा 302, 120बी भादवि तथा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया।मामले में आरोपी बनाए गए लोगों में राजनरायन गिरी पुत्र स्व० बसन्तू गिरी निवासी पकरी, बबलू गिरी पुत्र राजनरायन गिरी निवासी पकरी, रामधारी चौधरी पुत्र दीनानाथ निवासी कन्हौरा, सत्येन्द्र चौधरी पुत्र राजेन्द्र चौधरी निवासी कन्हौरा, रविन्द्र चौधरी पुत्र विलकुली चौधरी निवासी कन्हौरा, संतोष चौधरी पुत्र कामेश्वर चौधरी निवासी कन्हौरा तथा जितेन्द्र यादव पुत्र रामाधार यादव निवासी झरिया टोकहा थाना कोन शामिल थे।
तीन दोषियों पर टूटा अदालत का शिकंजा
मा० न्यायालय एएसजे प्रथम सोनभद्र ने रविन्द्र चौधरी, संतोष चौधरी और जितेन्द्र यादव को हत्या के अपराध में दोषी पाते हुए धारा 302 भादवि के तहत आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने स्पष्ट किया कि अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में दोषियों को आठ माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।इसके साथ ही अभियुक्त जितेन्द्र यादव को 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत तीन वर्ष के अतिरिक्त कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माने से भी दंडित किया गया। अदालत ने आदेश दिया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी तथा जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
पुलिस की मजबूत पैरवी बनी निर्णायक हथियार
इस मुकदमे में थाना चोपन पुलिस, विवेचक, कोर्ट मोहर्रिर, अभियोजन पक्ष और मॉनिटरिंग सेल ने लगातार समन्वय बनाकर अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी और तथ्यात्मक पैरवी इतनी सशक्त रही कि बचाव पक्ष अदालत में आरोपों को कमजोर नहीं कर सका।सोनभद्र पुलिस ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय दिलाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अदालत के फैसले के बाद पुलिस विभाग ने इसे अपराधियों के लिए कड़ा संदेश बताया है कि हत्या जैसे जघन्य अपराध करने वालों को कानून के शिकंजे से बचना आसान नहीं होगा।