प्रधानों और ब्लॉक प्रमुखों के लिए खुशखबरी… अब बढ़ेगा कार्यकाल! ओपी राजभर रखेंगे प्रस्ताव
UP Panchayat Elections: यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर असमंजस बढ़ गया है। 26 मई के बाद ग्राम प्रधानों, ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल बढ़ेगा या प्रशासकीय समिति बनेगी, फैसला हाईकोर्ट पर टिका है।
UP Panchayat Elections: उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर स्थिति फिलहाल साफ नहीं है क्योंकि यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इसी वजह से ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्षों के भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जिसके बाद अब सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि यदि चुनाव तय समय पर नहीं हो पाते हैं तो मौजूदा पदाधिकारियों का कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है।
‘कार्यकाल बढ़ाने के पक्ष में सरकार’
यहां पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने ब्लॉक प्रमुखों की राज्य स्तरीय कार्यशाला में साफ कहा कि यदि चुनाव नहीं होते हैं तो पदेन पदाधिकारियों को ही प्रशासक बनाकर कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस दिशा में पूरी कोशिश करेगी और आपकी भावनाओं की कद्र की जाएगी मंत्री ने यह भी कहा कि वह खुद भी इस व्यवस्था के समर्थक हैं।
दूसरे राज्यों का उदाहरण देकर यूपी में भी मांग
इस कार्यक्रम के दौरान यह भी तर्क रखा गया कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में पहले से ही पदेन पदाधिकारियों को प्रशासक बनाकर व्यवस्था चलाई जा रही है। इसी आधार पर यूपी में भी यही मॉडल लागू करने की मांग उठाई गई। यहां ब्लॉक प्रमुख संघ के अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह और संरक्षक जगमोहन सिंह यादव ने यह मांग प्रमुखता से रखी कि जब तक चुनाव नहीं होते तब तक मौजूदा प्रतिनिधियों को ही प्रशासनिक जिम्मेदारी दी जाए।
ब्लॉक प्रमुखों का हंगामा और नाराजगी
इस कार्यशाला के दौरान कई ब्लॉक प्रमुखों ने नाराजगी जताई और नारेबाजी भी की। उनका कहना था कि, पहले जो आश्वासन दिए गए थे वे अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। वहीं कुछ प्रतिनिधियों ने यह तक कहा कि अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाना चाहिए।
विकास निधि बढ़ाने और सुविधाओं का आश्वासन
यहां पंचायती राज मंत्री ने कार्यक्रम में यह भी घोषणा की कि ब्लॉक प्रमुखों की विकास निधि जल्द ही दस लाख रुपये से बढ़ाकर पंद्रह लाख रुपये कर दी जाएगी। इसके साथ ही ब्लॉक कार्यालयों में एडीओ पंचायत के बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात भी कही गई। यहां ब्लॉक प्रमुखों ने अपने स्तर पर सरकारी वाहन, एक करोड़ रुपये का बीमा और सरकारी कार्यक्रमों में सम्मानपूर्वक आमंत्रण जैसी कई मांगें भी रखीं।
प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर अगला फैसला अहम
दरअसल ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है और ऐसे में यह संभावना जताई जा रही है कि या तो पंचायतों की कमान अस्थायी प्रशासकीय समिति को सौंपी जाएगी या फिर मौजूदा ग्राम प्रधान और ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय हाईकोर्ट के आदेश और सरकार की नीति पर निर्भर करेगा जिस पर पूरे प्रदेश की नजर टिकी हुई है।