Varanasi Dalmandi News: वाराणसी के दालमंडी में बुलडोजर एक्शन जारी! मुसाफिरखाना हुआ जमींदोज, चौड़ीकरण की जद में मंदिर-मस्जिदे

Varanasi Dalmandi bulldozer action: वाराणसी के दालमंडी में बुलडोजर एक्शन तेज! 221 करोड़ के चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के तहत मुसाफिरखाना जमींदोज, सड़क की जद में आए मंदिर और मस्जिदों पर भी कार्रवाई। जानिए काशी के बदलते स्वरूप की पूरी कहानी।

Update:2026-05-11 17:55 IST

Varanasi Dalmandi bulldozer action: धर्म और संस्कृति की नगरी वाराणसी में इन दिनों विकास की बयार बह रही है, लेकिन इस बदलाव के साथ ही प्रशासनिक सख्ती भी अपने चरम पर है। वाराणसी के सबसे व्यस्त और पुराने व्यावसायिक क्षेत्र दालमंडी के कायाकल्प के लिए प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को भारी पुलिस बल और सुरक्षा घेरे के बीच दालमंडी स्थित ऐतिहासिक मुसाफिरखाना पर प्रशासन का बुलडोजर चला। जैसे ही बुलडोजर ने अपनी कार्रवाई शुरू की, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और लोग अपने आशियानों व दुकानों को मलबे में तब्दील होते देखते रह गए।

12 दिन की मोहलत खत्म और शुरू हुआ ध्वस्तीकरण

दालमंडी को नया स्वरूप देने और सड़कों को चौड़ा करने के लिए जिला प्रशासन ने पहले ही ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया था। मुसाफिरखाना के संचालकों और वहां रहने वाले लोगों को प्रशासन ने सामान हटाने और परिसर खाली करने के लिए 12 दिन का समय दिया था। प्रशासन की ओर से सख्त हिदायत दी गई थी कि समय सीमा खत्म होते ही कार्रवाई की जाएगी। रविवार रात जैसे ही यह मोहलत खत्म हुई, सोमवार सुबह प्रशासनिक अमला बुलडोजर और मलबे ढोने वाली मशीनों के साथ मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों का कहना है कि सुचारू यातायात के लिए यह ध्वस्तीकरण अनिवार्य था और बार-बार चेतावनी के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया था।

221 करोड़ का प्रोजेक्ट और धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई

दालमंडी चौड़ीकरण की यह पूरी परियोजना 221 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य काशी के इस सबसे भीड़भाड़ वाले इलाके को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करना है। हालांकि, इस विकास की राह में कई चुनौतियां भी हैं। सर्वे के मुताबिक, चौड़ीकरण के दायरे में कुल 6 मस्जिदें और एक प्राचीन मंदिर भी आ रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए इन धार्मिक स्थलों के उन हिस्सों को भी तोड़ा जाएगा जो नक्शे के मुताबिक सड़क की जद में हैं। इसके लिए धार्मिक गुरुओं और स्थानीय कमेटियों के साथ बातचीत का दौर भी जारी है ताकि शांतिपूर्ण तरीके से काम पूरा किया जा सके।

विकास की राह में बदलती काशी की तस्वीर

दालमंडी में चल रही इस कार्रवाई ने स्थानीय व्यापारियों और निवासियों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। जहां एक ओर व्यापारियों को अपने कारोबार के नुकसान का डर सता रहा है, वहीं प्रशासन का तर्क है कि चौड़ीकरण के बाद यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और व्यापार में लंबे समय के लिए फायदा होगा। फिलहाल, मुसाफिरखाना के ध्वस्तीकरण के साथ ही मलबे को हटाने का काम तेज कर दिया गया है। भारी सुरक्षा के बीच चल रही इस कार्रवाई पर पूरे शहर की नजरें टिकी हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि तय समय के भीतर सड़क को चौड़ा कर नई काशी के इस सपने को धरातल पर उतारा जा सके।

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