PM मोदी के संसदीय क्षेत्र का ऐसा हाल...वाराणसी में बारिश ने खोली प्रशासन की पोल, बीच सड़क पर पलट रहे वाहन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बारिश के बाद चितईपुर बाईपास रोड की बदहाल स्थिति ने प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जलभराव और गहरे गड्ढों के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं, जिसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।

Update:2026-08-07 15:48 IST

Varanasi Waterlogging Viral Video: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी ऊपर से देखने पर जितना भव्य और चमकदार नजर आता है, शहर के भीतर कदम रखते ही हकीकत उससे बिल्कुल अलग नजर आती है। यहां प्रशासनिक दावों की जमीनी सचाई साफ बयां होती है। मानसून की शुरुआत के साथ ही लगातार हो रही झमाझम बारिश ने पूरे बनारस को जलमग्न कर दिया है। बारिश शुरू होने से पहले नगर निगम ने जल निकासी और बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के जितने भी दावे और बड़े-बड़े प्लान तैयार किए थे, वे सब बारिश के साथ ही धुल गए।

चितईपुर बाईपास रोड बनी जानलेवा

वाराणसी के सबसे व्यस्त और मुख्य चौराहों में शामिल चितईपुर से बाईपास की तरफ जाने वाला मार्ग इन दिनों हादसों का केंद्र बन चुका है। बारिश का मौसम शुरू होने से काफी समय पहले से ही यह सड़क पूरी तरह से जर्जर और क्षतिग्रस्त हालत में थी। जगह-जगह बड़े-बड़े खतरनाक गड्ढे बने हुए थे, लेकिन प्रशासन गहरी नींद में सोता रहा। अब पिछले 3-4 दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते पूरी सड़क पर पानी भर गया है। जलजमाव के कारण सड़क के बीच बने गड्ढे दिखाई देना बंद हो गए हैं, जिससे यहां से गुजरने वाली गाड़ियां रोज दुर्घटना का शिकार हो रही हैं।

कैमरे में कैद हुआ खौफनाक नजारा

हाल ही में इस इलाके का एक बेहद परेशान करने वाला वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर किसी का भी कलेजा कांप जाए। सड़क पर भरे गहरे पानी के कारण एक ऑटो रिक्शा अचानक अनियंत्रित होकर पलट जाता है। जब तक लोग उसे संभालते, ठीक पीछे से आ रहा एक बाइक सवार युवक गहरे गड्ढे में समाकर बुरी तरह गिर पड़ता है। देखते ही देखते कई अन्य लोग भी एक-एक करके वहां गिरते और चोटिल होते दिखाई देते हैं। यह सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोज ना जाने कितने राहगीर यहां चोटिल हो रहे हैं और स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर जिम्मेदार अफसर किस बात का इंतजार कर रहे हैं? क्या किसी मासूम की जान जाने के बाद ही प्रशासन की नींद खुलेगी?

मरम्मत के नाम पर सिर्फ छलावा

स्थानीय लोगों की मानें तो इस सड़क की बदहाली कोई 1 या 2 दिन पुरानी नहीं है, बल्कि यह रास्ता पिछले कई सालों से इसी तरह बदहाल पड़ा है। जब भी जनता का गुस्सा भड़कता है, तो नगर निगम के ठेकेदार आते हैं और खानापूर्ति करके चले जाते हैं। घटिया सामग्री और कामचलाऊ मरम्मत का नतीजा यह होता है कि पहली ही हल्की बारिश में सड़क फिर से उखड़ जाती है। जनता के टैक्स का पैसा पानी में बह जाता है और लोग सालों से इस टूटी सड़क पर दर्द सहने को मजबूर हैं। जब PM के संसदीय क्षेत्र में अगर सड़क का यह हाल है, तो प्रदेश के बाकी शहरों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

मंत्री जी के घर के पास भी सन्नाटा

इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात तो यह है कि इसी जर्जर और खतरनाक रास्ते पर योगी सरकार के नवनियुक्त राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा का आवास भी स्थित है। हंसराज विश्वकर्मा 2016 में वाराणसी के जिलाध्यक्ष बने थे, इसके बाद 2023 में उन्हें फिर से जिलाध्यक्ष बनाया गया। बाद में राज्यपाल द्वारा उन्हें MLC मनोनीत किया गया और फिर यूपी कैबिनेट विस्तार में उन्हें राज्य मंत्री की कुर्सी सौंप दी गई। इतना बड़ा राजनीतिक कद और मंत्री पद होने के बावजूद, उनका ध्यान कभी अपने ही घर के बाहर इस जानलेवा सड़क पर नहीं गया। मंत्री जी रोज इसी रास्ते से गुजरते होंगे, लेकिन जनता का दर्द शायद उन तक नहीं पहुंच पा रहा है।

बेहाल जनता अब सीधे तौर पर जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांग रही है कि आखिर समय रहते मरम्मत कार्य क्यों नहीं कराया गया? क्या नगर निगम और स्थानीय प्रशासन किसी बड़े जानलेवा हादसे का इंतजार कर रहा है? फिलहाल, लगातार हो रही बारिश और इन जानलेवा गड्ढों के बीच बनारस के लोग अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।

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