अब क्या BJP में शामिल होंगे Mohammad Deepak? खुद बताई पूरी कहानी

Mohammad Deepak BJP Offer: कोटद्वार के मोहम्मद दीपक उर्फ दीपक कुमार ने दावा किया कि उन्हें भाजपा समेत कई दलों से राजनीति में आने के ऑफर मिल रहे हैं। 26 जनवरी विवाद के बाद आर्थिक संकट और जिम कारोबार पर भी बोले।

Update:2026-05-27 11:23 IST

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Mohammad Deepak BJP Offer: उत्तराखंड के कोटद्वार में “मोहम्मद दीपक” नाम से मशहूर दीपक कुमार इन दिनों आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। एक तरफ उनका जिम घाटे में चल रहा है, तो दूसरी तरफ उन्हें भाजपा समेत कई राजनीतिक दलों से राजनीति में आने के ऑफर भी मिल रहे हैं। हालांकि दीपक ने साफ कर दिया है कि फिलहाल उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है और वे अपनी सामान्य जिंदगी में ही भरोसा रखते हैं।

भाजपा से जुड़ने का ऑफर मिलने का दावा

एक यूट्यूब चैनल से बातचीत में दीपक कुमार ने कहा कि कई लोग उन्हें राजनीति में आने की सलाह दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि भाजपा से जुड़े एक नेता ने भी उन्हें पार्टी जॉइन करने के लिए कहा है।

दीपक ने कहा कि “सभी लोग बोल रहे हैं कि मेरे यहां जॉइन करो। भाजपा भी जॉइन करने के लिए बोल रही है। राजनीति चीज ही ऐसी है”। हालांकि उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं बताया, लेकिन इतना जरूर कहा कि भाजपा से जुड़े लोगों की तरफ से उन्हें ऑफर मिला है।

इस दौरान उन्होंने आगे कहा है कि, वे अभी राजनीति में आने की नहीं सोच रहे हैं। उनके लिए सबसे जरूरी अपने परिवार की जिम्मेदारियां हैं। दीपक बोले कि वे नार्मल लाइफ जीने में यकीन रखते हैं और इस समय उनका पूरा फोकस अपने जिम और घर पर है।

बच्चे की फीस और घर चलाना सबसे बड़ी चिंता

बातचीत के दौरान दीपक कुमार ने कहा कि, इस समय उनके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता अपने बच्चे की स्कूल फीस भरना, उसकी पढ़ाई और घर का खर्च चलाना है। उन्होंने आगे कहा कि आगे जिंदगी में क्या होगा, यह कोई नहीं जानता, लेकिन फिलहाल वे राजनीति से दूरी बनाए रखना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि आर्थिक हालात इतने खराब हो चुके हैं कि पिछले पांच महीने से वे अपने जिम का किराया तक नहीं दे पाए हैं।

जिम में 200 से घटकर रह गए 50 लोग 

दीपक ने बताया है कि 26 जनवरी की एक घटना के बाद से उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। उन्होंने कहा कि उस दिन उन्होंने एक मुस्लिम दुकानदार की मदद की थी और उसी के बाद से हालात लगातार बिगड़ते चले गए।

उन्होंने बताया कि पहले उनके “हल्क” नाम के जिम में करीब 200 लोग आया करते थे, लेकिन अब मुश्किल से 50 से 60 लोग ही पहुंच रहे हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि दुकान का खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है।

हालांकि दीपक को उम्मीद है कि आने वाले समय में हालात सुधर सकते हैं, लेकिन उनके मुताबिक अभी स्थिति सामान्य होने में पांच से छह महीने और लग सकते हैं।

कोटद्वार के लोगों से एक शिकायत

दीपक कुमार ने कहा है कि, कोटद्वार के स्थानीय लोग बहुत अच्छे हैं, लेकिन उन्हें एक बात का दुख जरूर है कि, जो लोग पहले उनके जिम में आते थे, वे अब वापस नहीं लौट रहे हैं। दीपक का मानना है कि शायद उन लोगों पर किसी तरह का दबाव बनाया जा रहा है कि वे उनके जिम में न जाएं। उन्होंने कहा कि कई लोगों के परिवार वाले भी ऐसा करने से रोक रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके घर की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि अब खर्च उनकी मां की चाय की दुकान से चल रहा है।

26 जनवरी मामले में अब तक नहीं हुई गिरफ्तारी

इस दौरान दीपक ने यह भी बताया कि 26 जनवरी की घटना में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर आरोप हैं, वे खुलेआम घूम रहे हैं। दीपक का कहना है कि अब उन्हें लगने लगा है कि कोटद्वार में ऐसे कई मामले फिर से सामने आने लगे हैं और माहौल धीरे-धीरे खराब होता जा रहा है।

चप्पल की कीमत को लेकर विवाद का भी जिक्र

वहीं इस बातचीत के दौरान दीपक ने एक दूसरी घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक महिला चप्पल खरीदने के लिए दुकान पर पहुंची और दाम पूछा। दुकानदार ने उसे 130 रुपए कीमत बताई। जिसके बाद करीब आठ से दस दिन बाद वही महिला दोबारा दुकान पर पहुंची और फिर दाम पूछा। इस बार दुकानदार ने चप्पल की कीमत 150 रुपए बताई। महिला ने जब दाम बढ़ाने की वजह पूछी तो दुकानदार ने कहा कि रात में दुकान बंद करते समय वे अपना मार्जिन नहीं लेते, इसलिए पहले कम दाम बताया गया था।

दीपक के मुताबिक इस बात पर महिला भड़क गई और दुकानदार पर आरोप लगाने लगी। बाद में उसने अपने पति को बुलाया, जो इलाके में बजरंग दल से जुड़ा बताया गया।

मुस्लिम होने की जानकारी पर पिटाई का आरोप

इसको लेकर दीपक का दावा है कि, जब उस व्यक्ति को पता चला कि दुकानदार मुस्लिम है तो उसने उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद दुकानदार को गिरफ्तार करवाया गया और पूरी रात थाने में रखा गया।

दीपक ने बताया कि अगले दिन दुकानदार से गौशाला के नाम पर 51 हजार रुपए की पर्ची कटाने के लिए कहा गया। आखिर में 20 हजार रुपए देने पड़े, लेकिन उन्हें किसी तरह की पर्ची नहीं मिली। उन्होंने कहा कि दुकानदार इस मामले को बढ़ाना नहीं चाहता था और सोशल मीडिया पर भी नहीं आना चाहता था।

कैसे चर्चा में आए दीपक?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 26 जनवरी 2026 को उत्तराखंड के कोटद्वार में एक कपड़ों की दुकान को लेकर विवाद शुरू हुआ था। पटेल मार्ग पर करीब 30 साल पुरानी “बाबा स्कूल ड्रेस” नाम की दुकान चलाने वाले 70 वर्षीय वकील अहमद की दुकान पर कुछ लोग पहुंचे, जिन्होंने खुद को बजरंग दल से जुड़ा बताया। इन लोगों ने दुकान के नाम में “बाबा” शब्द इस्तेमाल करने पर आपत्ति जताई और कहा कि यह शब्द हिंदुओं से जुड़ा है, इसलिए एक मुस्लिम दुकानदार इसका इस्तेमाल नहीं कर सकता। आरोप है कि दुकानदार पर दुकान का नाम बदलने का दबाव बनाया गया और उसे धमकी भी दी गई।

उसी दौरान पास में मौजूद जिम संचालक दीपक कुमार वहां पहुंचे और उन्होंने दुकानदार का समर्थन किया। दीपक ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपनी दुकान का नाम रखने का अधिकार है और इस तरह किसी को डराना गलत है। बहस बढ़ने लगी तो वहां मौजूद लोगों ने दीपक से उनका नाम पूछा। जवाब में दीपक ने कहा, “मेरा नाम मोहम्मद दीपक है।” यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और देखते ही देखते मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया।

वीडियो वायरल होने के बाद कोटद्वार में माहौल तनावपूर्ण हो गया। विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए और कई संगठनों के लोग दीपक के जिम के बाहर भी पहुंचने लगे। पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त फोर्स तैनात की। बाद में इस मामले में कई एफआईआर दर्ज हुईं। वहीं दीपक कुमार को सोशल मीडिया पर कुछ लोगों का समर्थन भी मिला, जबकि दूसरी तरफ उन्हें धमकियों का सामना करने का दावा भी करना पड़ा।

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