उत्तराखंड रजत जयंती: CM धामी ने किया दो दिवसीय विशेष सत्र का ऐलान
राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने पर उत्तराखंड सरकार दो दिवसीय विशेष विधानसभा सत्र बुलाएगी। CM धामी ने युवाओं, स्वास्थ्य और सहकारिता पर भी दिए निर्देश।
Uttarakhand CM Dhami News (image from Social Media)
CM Pushkar Singh Dhami: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को राज्य के गठन के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में दो दिवसीय विशेष विधानसभा सत्र बुलाने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा, "यह हमारी रजत जयंती का वर्ष है। पिछले 25 वर्षों में, हमारे राज्य ने कई उतार-चढ़ावों के साथ प्रगति की है। राज्य के गठन से लेकर अब तक विकास का एक लंबा सफ़र रहा है। इसी पर विधानसभा में चर्चा करने के लिए एक दो दिवसीय विशेष सत्र का निर्णय लिया गया है, जिसकी तारीखों की घोषणा जल्द ही की जाएगी।"
गौरतलब है कि उत्तराखंड का गठन 9 नवंबर, 2000 को उत्तर प्रदेश से अलग कर देश के 27वें राज्य के रूप में किया गया था। इसका शुरुआती नाम उत्तरांचल था, जिसे 2007 में आधिकारिक तौर पर बदलकर उत्तराखंड कर दिया गया। नए पर्वतीय राज्य के निर्माण का यह निर्णय पहाड़ी लोगों के दशकों के सतत आंदोलन और विरोध के बाद लिया गया था, जिन्होंने महसूस किया था कि लखनऊ की सरकार द्वारा उनकी उपेक्षा की जा रही है। अलग राज्य की मांग अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने और पर्वतीय भू-भाग से जुड़ी विशिष्ट विकासात्मक चुनौतियों का समाधान करने के लिए की गई थी।
युवाओं और रोज़गार पर CM का ज़ोर
मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान युवाओं और रोज़गार सृजन पर भाजपा-नीत राज्य सरकार के फोकस को दोहराया। उन्होंने कहा, "हमारे राज्य के युवा और छात्र हमेशा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता रहे हैं। पिछले चार वर्षों में, हमारी सरकार ने 25,000 से अधिक रोज़गार पारदर्शी तरीके से प्रदान किए हैं।"
मीडियाकर्मियों से बात करते हुए उन्होंने कहा, "हमारे युवाओं ने विभिन्न परीक्षाओं में रोज़गार हासिल किया है और सफलता प्राप्त की है। हाल ही में, एक परीक्षा केंद्र के संबंध में शिकायत मिली थी, और जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया था। समिति की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई और वह परीक्षा रद्द कर दी गई।"
भर्ती परीक्षाओं में धांधली के प्रयासों के प्रति 'ज़ीरो टॉलरेंस' का आश्वासन देते हुए उन्होंने कहा, "हमारा प्रयास होगा कि इस परीक्षा को पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से फिर से आयोजित किया जाए, जिसमें कोई कमी न रहे। हम प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी करेंगे।"
स्वास्थ्य सेवा और सहकारिता के लिए बड़े कदम
एक कार्यक्रम में बोलते हुए, मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए उठाए गए उपायों पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा, "हमारी सरकार राज्य के निवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के संकल्प के साथ लगातार काम कर रही है। इसी दिशा में, राज्य के सरकारी अस्पतालों में अब 207 प्रकार की पैथोलॉजिकल जांच को पूरी तरह से निःशुल्क कर दिया गया है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक को समय पर और सटीक जांच तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार मिले, ताकि कोई भी व्यक्ति आर्थिक कारणों से इलाज से वंचित न रहे।"
पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष (IYC)- 2025 के अवसर पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भाजपा सरकार के तहत सहकारी बैंकों के ग्राहकों की संख्या तीन गुना बढ़ गई है, और इन संस्थानों में जमा कुल राशि बढ़कर 16,000 करोड़ रुपये हो गई है।
उन्होंने किसानों के लाभ के लिए मंडुवा अनाज (स्थानीय रूप से उगाए जाने वाले फिंगर मिलेट) के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को 42.90 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 48.86 रुपये प्रति किलोग्राम करने पर भी प्रकाश डाला।