28 देशों ने दिया फिलिस्तीन का साथ, इजरायल से युद्ध बंद करने की अपील; नेतन्याहू का कड़ा जवाब - "जब तक हमास पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, युद्ध जारी रहेगा

ब्रिटेन, कनाडा, जापान समेत 28 देशों ने गाजा में तुरंत सीजफायर की मांग की है और इजरायल से सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की है। इसके जवाब में, इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा है कि जब तक हमास पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता, युद्ध जारी रहेगा।

Update:2025-07-22 11:00 IST

Gaza Ceasefire: ब्रिटेन, कनाडा, जापान और 28 अन्य देशों ने एक बयान जारी किया है, जिसमें गाजा में चल रही जंग को तुरंत खत्म करने की मांग की गई है। इन देशों का कहना है कि गाजा में हालात बेहद खराब हो चुके हैं। वहां के लोग खाने, पानी और जरूरी चीजों के लिए तरस रहे हैं। इन देशों के विदेश मंत्रियों ने बयान में कहा, "गाजा में आम लोगों की तकलीफें अब असहनीय हो गई हैं। इजरायल द्वारा इंसानी मदद की आपूर्ति रोकने और लोगों, खासकर बच्चों, पर हमलों को अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

इजरायल ने 28 देशों के बयान को ठुकरा दिया है। इस बयान में हाल ही में गाजा में 800 से ज्यादा फिलिस्तीनियों की मौत को 'भयानक' बताया गया, जो गाजा हेल्थ मिनिस्ट्री और संयुक्त राष्ट्र के अनुसार मदद की तलाश में मारे गए थे। इन देशों ने इजरायल पर आरोप लगाया कि वह इंसानी मदद पहुंचाने का तरीका गलत और खतरनाक है, जिससे गाजा में अस्थिरता बढ़ रही है। बयान में यह भी कहा गया कि इजरायल का आम लोगों को बुनियादी मदद से वंचित रखना गैरकानूनी है और उसे अंतरराष्ट्रीय इंसानी कानून का पालन करना चाहिए। इजरायल ने इस बयान को खारिज करते हुए कहा कि यह "हकीकत से दूर" है और हमास को गलत संदेश देता है।

अमेरिका ने इजरायल का साथ दिया और इस बयान को खारिज किया। अमेरिकी राजदूत माइक हकबी ने इसे "घिनौना" कहा और एक्स पर लिखा कि इन देशों को "हमास के आतंकियों" पर दबाव डालना चाहिए। इजरायल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता, ओरेन मर्मोरस्टीन ने भी एक्स पर लिखा कि "हमास ही जंग को लंबा खींच रहा है और दोनों पक्षों की तकलीफों का जिम्मेदार है।" उन्होंने हमास पर इजरायल के सीजफायर और बंधक रिहाई के प्रस्ताव को ठुकराने का आरोप लगाया। हालांकि, जर्मनी इस बयान में शामिल नहीं था, लेकिन जर्मन विदेश मंत्री योहान वादेपुल ने इजरायली समकक्ष गिदोन सार से बात की और गाजा के इंसानी हालात पर चिंता जताई।

गाजा की 90 फीसदी आबादी बेघर

गाजा की 20 लाख से ज्यादा लोग गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। इजरायल की सैन्य कार्रवाई के कारण गाजा की 90 फीसदी आबादी बेघर हो चुकी है, और अधिकांश लोग बार-बार पलायन करने को मजबूर हैं। इजरायल ने जो खाद्य सामग्री गाजा में भेजी, वह ज्यादातर गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन को दी गई, जो एक अमेरिकी संगठन है और इजरायल का समर्थन करता है। मई से अब तक सैकड़ों फिलिस्तीनी इस मदद के ठिकानों पर इजरायली सैनिकों की गोलीबारी में मारे गए हैं। इजरायली सेना का कहना है कि उसने केवल चेतावनी देने के लिए गोलियां चलाईं।

सीजफायर की मांग

7 अक्टूबर 2023 को, हमास ने इजरायल पर हमला किया था, जिसमें लगभग 1200 लोग मारे गए और 251 को बंधक बना लिया गया। अभी भी गाजा में 50 बंधक हैं, जिनमें से आधे से भी कम के जीवित रहने की उम्मीद है। गाजा हेल्थ मिनिस्ट्री के अनुसार, इजरायल की कार्रवाई में 59,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें से अधिकांश महिलाएं और बच्चे हैं। संयुक्त राष्ट्र इस आंकड़े को सही मानता है। इसके बाद, 28 देशों ने सीजफायर की मांग की और शांति के लिए राजनीतिक समाधान की बात की। ब्रिटिश विदेश सचिव डेविड लैमी ने संसद में कहा, "इस युद्ध का कोई सैन्य हल नहीं है। अगला सीजफायर आखिरी होना चाहिए।"

सीजफायर की कोशिशें नाकाम

अमेरिका, कतर और मिस्र सीजफायर के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि युद्ध तब तक जारी रहेगा जब तक सभी बंधक रिहा नहीं हो जाते और हमास खत्म या निहत्था नहीं हो जाता। इससे पहले मई में ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा ने इजरायल से सैन्य कार्रवाई को रोकने की अपील की थी, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। इजरायल का कहना है कि वह केवल अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत काम कर रहा है और आम नागरिकों की मौतों का जिम्मेदार हमास है, जो आबादी वाले इलाकों में छिपकर लड़ाई कर रहा है।

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