Rajnath Singh : सियोल में राजनाथ सिंह की कूटनीतिक पहल, दक्षिण कोरिया संग रक्षा सहयोग को नई मजबूती

Rajnath Singh South Korea Visit: सियोल दौरे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दक्षिण कोरिया के साथ रक्षा, साइबर सुरक्षा, संयुक्त उत्पादन और संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों से जुड़े अहम समझौतों को नई दिशा दी। जानिए भारत-दक्षिण कोरिया रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख बिंदु।

Update:2026-05-20 18:05 IST

Rajnath Singh South Korea Visit (Image Credit-Social Media)

Rajnath Singh South Korea Visit:  भारत और दक्षिण कोरिया के बीच बुधवार को कई महत्वपूर्ण समझौतों का आदान-प्रदान हुआ। इनमें डिफेंस साइबर सहयोग को बढ़ावा देने संबंधी समझौता, भारत के नेशनल डिफेंस कॉलेज और दक्षिण कोरिया की कोरिया नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी के बीच सहयोग तथा संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों में सहयोग से जुड़े समझौते शामिल हैं।

इन समझौतों को दोनों देशों की साझेदारी को अधिक व्यापक, बहुआयामी और भविष्य उन्मुख बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। ये समझौते दक्षिण कोरिया में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में हुए।

दक्षिण कोरिया यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वहां के रक्षा मंत्री आन ग्यू-बैक और डिफेंस एक्विजिशन प्रोग्राम एडमिनिस्ट्रेशन के मंत्री ली योंग-चेओल से महत्वपूर्ण मुलाकातें कीं। सियोल में हुई इन बैठकों में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच रक्षा, रक्षा उद्योग, साइबर सुरक्षा, तकनीकी सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा हुई है।

दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्री आन ग्यू-बैक के साथ वार्ता के उपरांत राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने के लिए सकारात्मक और सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और तकनीकी सहयोग के प्रति साझा प्रतिबद्धता रखते हैं। इसी दिशा में दोनों देशों की साझेदारी भी लगातार मजबूत हो रही है।

उन्होंने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी आने वाले समय में और अधिक मजबूत होगी तथा दोनों देश साझा हितों और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर मिलकर काम करते रहेंगे। रक्षा मंत्री ने दक्षिण कोरिया के डिफेंस एक्विजिशन प्रोग्राम एडमिनिस्ट्रेशन के मंत्री ली योंग-चेओल से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने संयुक्त विकास, संयुक्त उत्पादन और संयुक्त निर्यात के नए अवसरों को विकसित करने पर सहमति व्यक्त की।

दोनों पक्षों ने रक्षा उत्पादन और रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में महत्वाकांक्षी ‘काइंड-एक्स’ पहल के रोडमैप पर भी चर्चा हुई। इस पहल का उद्देश्य भारत और दक्षिण कोरिया के नवाचार तंत्र और तकनीकी क्षमताओं को एक साथ जोड़कर रक्षा क्षेत्र में आधुनिक और उन्नत समाधान विकसित करना है। दोनों देशों ने रक्षा नवाचार, अनुसंधान और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने को भविष्य की प्राथमिकता बताया।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि राजनाथ सिंह का यह दौरा भारत-दक्षिण कोरिया रक्षा संबंधों को नई गति देगा। साथ ही यह वार्ता हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सामरिक संतुलन, रक्षा सहयोग तथा तकनीकी साझेदारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इन महत्वपूर्ण मुलाकातों से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बुधवार की सुबह सियोल स्थित राष्ट्रीय समाधि स्थल ‘नेशनल सेमेट्री ऑफ कोरिया’ पहुंचे, जहां उन्होंने देश के वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस दौरान उन्होंने पुष्प अर्पित कर उन सैनिकों को नमन किया, जिन्होंने अपने राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया। रक्षा मंत्री ने कहा कि इन वीर जवानों का साहस, समर्पण और देशभक्ति की भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि भारत, कोरिया गणराज्य के साथ उसके वीर नायकों की विरासत का सम्मान करने और उनके बलिदान को स्मरण करने में पूरी एकजुटता के साथ खड़ा है।

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