UAE Barakah Drone Attack: यूएई ने बराकाह हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया,इराक को दी सख्त चेतावनी
UAE Barakah Drone Attack: यूएई ने बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर ड्रोन हमले को ‘आतंकी कृत्य’ बताते हुए इराक से आक्रामक गतिविधियों पर लगाम लगाने की मांग की। जानिए क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक तनाव पर इसका क्या असर पड़ सकता है।
UAE Barakah Drone Attack (Image Credit-Social Media)
UAE Barakah Drone Attack: बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट को यूएई ने आतंकी हमला बताया है। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी कर इराक से कहा है कि वो अपनी आक्रामक गतिविधियों पर लगाम लगाए क्योंकि ये क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए ठीक नहीं है।
यूएई के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, "यह हमला साफ-साफ अंतरराष्ट्रीय कानून, अंतरराष्ट्रीय मानवतावादी कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि ऐसे हमले न केवल क्षेत्रीय संप्रभुता का उल्लंघन हैं, बल्कि ये नागरिक और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने वाले आतंकवादी कृत्य भी हैं।"
विदेश मंत्रालय ने इराक से स्पष्ट किया कि उसे अपनी सीमा से उत्पन्न सभी शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को तुरंत, बिना किसी शर्त के रोकना चाहिए।
मंत्रालय ने जिम्मेदार देश की तरह एक्ट करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इन खतरों का समाधान तत्काल, जिम्मेदाराना और प्रभावी तरीके से किया जाना चाहिए, और यह सभी कार्य संबंधित अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय कानूनों एवं सम्मेलनों के अनुरूप होने चाहिए।
आगे कहा गया कि इराक का सक्रिय योगदान न केवल उसकी अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के लिए आवश्यक है, बल्कि पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए भी अहम है। इराक को अपने क्षेत्रीय कर्तव्यों का पालन करते हुए जिम्मेदार और सक्रिय साझेदार के रूप में काम करना चाहिए।
यूएई ने यह स्पष्ट किया कि उसकी प्राथमिकता हमेशा क्षेत्रीय सहयोग, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना है। मंत्रालय ने कहा कि सभी देश, विशेषकर पड़ोसी और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश, को अपने क्षेत्र से उत्पन्न खतरों को रोकने में सहयोग करना चाहिए ताकि पूरे क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता और विकास सुनिश्चित हो सके।
रविवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में बताया था कि दफरा क्षेत्र में बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर ड्रोन हमला हुआ। यह ड्रोन इराक की ओर से आया था। इस हमले में प्लांट के भीतर न होकर बाहरी क्षेत्र में एक विद्युत जनरेटर को नुकसान पहुंचाया गया।
मंत्रालय ने हमले को 'अस्वीकार्य' बताते हुए इसे उसकी सुरक्षा के लिए सीधा खतरा और अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन बताया था।