घटती आबादी, बढ़ती टेंशन! बच्चों के लिए तरस रहे ये पांच देश, कपल को ऑफर देने का भी फायदा नहीं
Population Crisis: जनसंख्या में कमी के चलते ये देश श्रमशक्ति की कमी से भी जूझ रहे हैं। हालात यह हैं कि इन देशों की सरकारें नव विवाहिता जोड़ों को बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
Population Crisis
Population Crisis: दुनिया के कई ऐसे देश जो एक समय जनसंख्या विस्फोट को लेकर संकट में आ गये थे। वह देश आज लगातार घटती आबादी को लेकर टेंशन में हैं। बूढ़ी होती आबादी और कम जन्मदर ने दुनिया के कई ताकतशाली देशों के माथे पर लकीर खींच दी है। जनसंख्या में कमी के चलते ये देश श्रमशक्ति की कमी से भी जूझ रहे हैं। हालात यह हैं कि इन देशों की सरकारें नव विवाहिता जोड़ों को बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। उन्हें ऑफर भी दे रही है लेकिन इसका भी कुछ असर नजर नहीं आ रहा है। आइए जानते हैं कौन है वह पांच देश जोकि गिरते जन्मदर की समस्या से दो-चार हो रहे हैं।
तीन सालों से लगातार घट रही चीन की आबादी
चीन जोकि विश्व में जनसंख्या के लिए पहले नंबर पर था। वह भी आज के समय में घटती आबादी की समस्या में पड़ गया है। चीन में लगातार तीन सालों से आबादी में गिरावट दर्ज की जा रही है। संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के मुताबिक सदी के अंत तक चीन की जनसंख्या 1.4 अरब से घटकर 80 करोड़ तक पहुंच सकती है। घटती आबादी का सीधा असर चीन की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। बढ़ती जनसंख्या के समय चीन की सख्त एक बच्चे की नीति आज इस देश की आबादी पर भारी पड़ रही है। अब चीन में महंगाई के चलते भी वहां की युवा पीढ़ी बच्चे ही नहीं चाहती।
तुर्किए में युद्ध से बढ़ा खतरा घटती जनसंख्या
तुर्किए भी घटते जन्मदर की समस्या से लगातार जूझ रहा है। राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन ने इस समस्या से युद्ध से भी बड़ा खतरा करार दिया है। तुर्किए ने आबादी को बढ़ाने के मकसद से 2025 को परिवार का साल घोषित किया है। वहीं 2026 से परिवार का दशक शुरू करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही नव विवाहित जोड़ों को बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करने को आर्थिक प्रोत्साहन देने जैसे कई प्रयास किये जा रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी तुर्किए में आबादी गिर ही रही है।
वियतनाम ने खत्म की दो बच्चों की नीति
वियतनाम में साल 1999 से लेकर 2022 तक औसत जन्मदर 2.1 थी। लेकिन साल 2024 में यह घटकर 01.91 रह गयी। घटती आबादी से चिंता में आए वियतनाम ने अपनी दशकों पुरानी दो बच्चों की नीति को भी अब खत्म कर दिया है। वियतनाम ने अपने नागरिकों से यह कह दिया है कि वह जितना चाहें बच्चे पैदा कर सकते हैं।
उत्तर कोरिया में आबादी की चिंता
उत्तर कोरिया अपने आबादी के आंकड़े तो सार्वजनिक नहीं करता है। लेकिन संयुक्त राष्ट्र के अनुमानों के अनुसार उत्तर कोरिया की जन्मदर 1.78 है जोकि साउथ कोरिया, चीन और जापान से ज़्यादा है, लेकिन फिर भी 2.1 से नीचे ही है। अगर ऐसा ही रहा तो उत्तर कोरिया में श्रमिकों की कमी और सामाजिक ढांचा चरमराने का खतरा पैदा हो सकता है।
न्यूज़ीलैंड में बच्चों की कमी
2023 में न्यूजीलैंड में जन्मदर रिकॉर्ड निचले स्तर 1.56 के पर पहुंच गयी है। यहां बच्चों की जनसंख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। हालांकि यहां 15 से 49 उम्र की महिलाओं की संख्या में बढ़ोत्तरी ही हुई है। साल 2022 में यह दर 1.66 थी। ये आंकड़े बताते हैं कि बच्चे पैदा करना इस देश में अब प्राथमिकता नहीं रह गया है।