दुश्मन देश में तबाही! निकाले गए चार लाख लोग, क्या बच पाएगा चीन

China Super Typhoon Ragasa Update: चीन में सुपर तूफान रागसा का कहर, शेनझेन में जनजीवन ठप्प, लगभग चार लाख लोग निकाले गए, उड़ानें और परिवहन बंद

Update:2025-09-23 19:23 IST

China Super Typhoon Ragasa Update (प्रतीकात्मक फोटो सोशल मीडिया से)

China Super Typhoon Ragasa Update: चीन के प्रमुख विनिर्माण केंद्र, गुआंग्डोंग प्रांत पर 'सुपर टाइफून रागसा' का खतरा मंडरा रहा है। इसे हाल के वर्षों में क्षेत्र का सबसे शक्तिशाली तूफान बताया जा रहा है। इसके मद्देनज़र, मंगलवार को 3.71 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जबकि शेनझेन जैसे आधुनिक और संपन्न शहरों में जन-जीवन पूरी तरह से ठप्प हो गया है।

गुआंग्डोंग में हाई अलर्ट

तूफान को देखते हुए गुआंग्डोंग प्रांत में आपातकालीन प्रतिक्रिया को उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 'रागसा' प्रांत के मध्य या पश्चिमी तटीय इलाकों में दस्तक दे सकता है। हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, तकनीकी हब शेनझेन सहित 10 से अधिक शहरों में सभी बाज़ार, स्कूल, कारखाने और परिवहन प्रणालियाँ बंद कर दी गई हैं। लोगों को घरों के अंदर रहने और भोजन-पानी का स्टॉक करने की सलाह दी गई है।

हवाई और सड़क यातायात ठप्प

तूफान के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। शेनझेन हवाईअड्डा और हांगकांग-झुहाई-मकाओ पुल सोमवार से ही बंद हैं। चीनी उड़ान डेटा ऐप DAST के अनुसार, मंगलवार दोपहर तक शेनझेन के बाओ'आन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से 210 उड़ानों को रद्द किया गया, जबकि 319 आने वाली उड़ानों को भी निरस्त कर दिया गया है। इसके अलावा, सभी बसें, टैक्सी और मेट्रो सेवाएं भी मंगलवार शाम से बंद हो गई हैं, और राजमार्गों को भी बंद कर दिया गया है।

ऊंची इमारतों की सुरक्षा पर भी नज़र

शेनझेन की कई ऊंची इमारतों और दुकानों ने अपनी खिड़कियों पर टेप लगा दिए हैं और बाहर रखी हुई वस्तुओं को सुरक्षित कर दिया है। अधिकारियों ने भी खतरे को कम करने के लिए 18,000 से अधिक पेड़ों की छंटाई की है। विशेषज्ञों की नज़र शेनझेन की दुनिया की सबसे ऊंची इमारतों में से एक, पिंग एन फाइनेंस सेंटर पर है। यह 1,969 फुट ऊंची इमारत 288 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम हवा की गति का सामना करने के लिए बनाई गई है और 2018 के 'सुपर टाइफून मंगखुत' को भी झेल चुकी है।  केंद्र सरकार ने भी बचाव और आपदा राहत के लिए 60,000 से अधिक टेंट, बिस्तर, लाइट और परिवार किट भेजी हैं।

नोट यह खबर एआई जेनरेटेड है

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