ईरान-अमेरिका जंग में फंसा ये छोटा मुल्क! ट्रंप ने दी बड़ी धमकी, दुनिया हैरान

US NATO Tensions: ट्रंप ने नाटो देशों के रवैये पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए यहां तक संकेत दे दिए हैं कि अमेरिका इस सैन्य गठबंधन से खुद को अलग करने पर विचार कर सकता है।

Update:2026-04-02 08:34 IST

Donald Trump

US NATO Tensions: ईरान से जुड़े बढ़ते तनाव और वैश्विक भू-राजनीतिक हालात के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने नाटो सहयोगियों पर बेहद नाराज़ नजर आ रहे हैं। हालिया घटनाक्रम में ट्रंप ने नाटो देशों के रवैये पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए यहां तक संकेत दे दिए हैं कि अमेरिका इस सैन्य गठबंधन से खुद को अलग करने पर विचार कर सकता है। इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप की नाराज़गी की बड़ी वजह यह है कि कई यूरोपीय देशों ने अमेरिका का साथ देने से इनकार कर दिया है, खासकर उस मुद्दे पर जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ा है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन ईरान और अमेरिका-इजरायल तनाव के बाद यहां हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। ऐसे में ट्रंप चाहते हैं कि नाटो सहयोगी देश इस रास्ते को सुरक्षित और खुला रखने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर कार्रवाई करें।

हालांकि फ्रांस, स्पेन और इटली जैसे देशों ने साफ तौर पर अमेरिकी योजना का समर्थन करने से इनकार कर दिया है। इन देशों का मानना है कि यह उनका प्रत्यक्ष संघर्ष नहीं है और वे इसमें शामिल नहीं होना चाहते। इतना ही नहीं, कुछ देशों ने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति देने से भी मना कर दिया, जिससे ट्रंप और अधिक नाराज़ हो गए हैं।

इसी बीच खबरें यह भी हैं कि ट्रंप यूरोपीय देशों पर दबाव बनाने के लिए यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता रोकने की धमकी दे रहे हैं। यूक्रेन पहले से ही रूस के साथ लंबे समय से चल रहे युद्ध का सामना कर रहा है, और ऐसे में अगर अमेरिका अपनी मदद रोकता है, तो यह उसके लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि यूक्रेन इस शक्ति संतुलन की राजनीति में ‘बलि का बकरा’ बन सकता है।

एक इंटरव्यू में ट्रंप ने नाटो को “कागजी शेर” बताते हुए उसकी प्रभावशीलता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वह कभी भी इस संगठन से प्रभावित नहीं रहे और उन्हें हमेशा इसकी सीमाएं स्पष्ट रही हैं। ट्रंप का यह बयान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दृष्टिकोण से मेल खाता हुआ भी माना जा रहा है।

गौरतलब है कि ट्रंप पहले भी कई बार नाटो की आलोचना कर चुके हैं और इसे अमेरिका पर बोझ बताते रहे हैं। हालांकि, अमेरिकी कानून के अनुसार नाटो से अलग होने के लिए सीनेट की मंजूरी आवश्यक होती है, जिसके लिए दो-तिहाई बहुमत चाहिए। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि ट्रंप की यह सख्त चेतावनी आगे क्या रूप लेती है।

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