US-ईरान जंग के बीच तेल के दामों में लगी आग! जानें कितनी बढ़ी कीमत और क्या हैं हालात

US-Iran Conflict: ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी के बीच कच्चे तेल के दाम 5% से ज्यादा बढ़े, ब्रेंट 117 डॉलर पार, पेट्रोल-डीजल महंगा होने का खतरा।

Update:2026-04-29 20:33 IST

US-Iran Conflict: US-ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी लंबी खिंचने की आशंका ने वैश्विक बाजार में हलचल मचा दी है। यहां हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। इसी डर के बीच बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में 5 प्रतिशत से ज्यादा की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे ईंधन के दाम बढ़ने का खतरा और गहरा गया है।

ट्रंप के निर्देश के बाद बढ़ी चिंता

रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेल के दामों में यह उछाल उस रिपोर्ट के सामने आने के बाद देखने को मिला, जिसमें बताया गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों को ईरान के बंदरगाहों और होर्मुज के रास्ते पर लंबे समय तक नाकेबंदी जारी रखने की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। इस खबर ने बाजार में पहले से बनी चिंता को और बढ़ा दिया और निवेशकों में घबराहट का माहौल बन गया।

ब्रेंट क्रूड 117 डॉलर के पार

गौरतलब हो कि, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों ने तेज रफ्तार पकड़ ली। ब्रेंट क्रूड 5.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ 117 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो अमेरिका-ईरान युद्धविराम के बाद का सबसे ऊंचा स्तर बताया जा रहा है। वहीं अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट भी 4.85 प्रतिशत उछलकर 104.78 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।

ईंधन महंगा होने का खतरा बढ़ा

वहीं तेल की कीमतों में इस तरह की तेजी का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है। अगर हालात ऐसे ही बने रहे और नाकेबंदी जारी रही, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। फिलहाल दुनिया भर के बाजारों की नजर इसी बात पर टिकी है कि यह तनाव आगे कितना बढ़ता है और इसका असर कितने समय तक बना रहता है।

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