Islamabad Talks 2.0: पाकिस्तान को लगा तगड़ा झटका, ईरान ने इस्लामाबाद टॉक्स 2.0 से बनाई दूरी

Islamabad Talks 2.0: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा इस्लामाबाद में दूसरे दौर की शांति वार्ता की उम्मीद जताने के बाद ईरान ने साफ किया है कि फिलहाल ऐसी किसी यात्रा या बातचीत की कोई आधिकारिक योजना नहीं है।

Update:2026-05-25 17:52 IST
Islamabad Talks 2.0

Islamabad Talks 2.0: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका-ईरान के बीच संभावित समझौते की खबरों को सकारात्मक बताया। रविवार को उन्होंने उम्मीद जताई कि मध्य पूर्व में कई हफ्तों से जारी संघर्ष समाप्त होगा और इस्लामाबाद में बहुत जल्द दूसरे दौर की शांति वार्ता हो सकती है। इसके उलट ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि फिलहाल तेहरान की ऐसी कोई योजना नहीं है। बाघेई सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ये बातें कह रहे थे। उन्होंने इस्लामाबाद टॉक्स को लेकर पूछे सवाल के जवाब में कहा, " वर्तमान में ईरान की पाकिस्तान यात्रा या पाकिस्तानी अधिकारियों के तेहरान दौरे की कोई आधिकारिक योजना नहीं है।"

अमेरिका की ओर से बातचीत में प्रगति के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में सामने आए घटनाक्रम पाकिस्तान की मध्यस्थता में कई सप्ताह से चल रही वार्ताओं का परिणाम हैं। यह सही है कि चर्चा के तहत कई मुद्दों पर काफी हद तक सहमति बन चुकी है, लेकिन फिलहाल कोई भी यह दावा नहीं कर सकता कि किसी समझौते पर हस्ताक्षर जल्द होने वाले हैं। बाघेई ने यह भी कहा कि अमेरिका का राजनीतिक व्यवहार हाल के समय में कुछ हद तक असंगत और अनिश्चित दिखाई दिया है।

इस्लामाबाद टॉक्स के तहत पाकिस्तान की राजधानी में पहले दौर की बातचीत 11-12 अप्रैल को हुई थी। ईरानी प्रतिनिधिमंडल में संसद अध्यक्ष बाकर गालिबाफ और विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची शामिल थे, जबकि अमेरिकी पक्ष की अगुवाई जेडी वेंस ने की थी। यह बैठक तनाव कम करने और संघर्ष विराम पर केंद्रित थी, लेकिन यह विफल रही। इसके बाद दूसरे दौर की वार्ता की कोशिशें शुरू हुईं लेकिन तब से अब तक आमने-सामने की सीधी बातचीत नहीं हुई।

इस बीच भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कुछ ऐसा कहा है जो उसकी कलई खोलता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से आर्म्ड आतंकवाद भारत में भेजा जा रहा है जो आम लोगों को निशाना बनाया जाता है। रूबियो से पूछा गया कि क्या भारत ने अमेरिका-ईरान संघर्ष में पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका को लेकर कोई आपत्ति जताई है? तो उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान की मध्यस्थता का कोई मुद्दा नहीं उठाया है और न ही कोई फिक्र जाहिर की है। लेकिन भारत हमेशा इस बात पर जोर देता है कि पाकिस्तानी क्षेत्र से सशस्त्र आतंकवादी समूह सक्रिय हैं जो भारत को निशाना बनाते हैं और यह जाहिर भी है। अमेरिका हमेशा से आतंकवाद के खिलाफ रहा है और आगे भी रहेगा।

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