बस.. कुछ ही देर में Iran तबाह! अमेरिका गिराने जा रहा 'बी-2 बंकर बस्टर बम', इस मुस्लिम देश के राष्ट्रपति को भी पहले से थी भनक
America's 'B-2 Bom On Iran: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फारसी देश ईरान की न्यूक्लियर साइट पर बी-2 बंकर बस्टर बम गिराने का आदेश जारी कर दिया है।
America's 'B-2 Bom On Iran
America's 'B-2 Bom On Iran: पश्चिम एशिया में हालात बेहद बिगड़ते हुए नज़र आ हैं। ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु तनाव अब सैन्य कार्रवाई की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फारसी देश ईरान की न्यूक्लियर साइट पर बी-2 बंकर बस्टर बम गिराने का आदेश जारी कर दिया है। बेहद हैरानी की बात यह है कि इस हमले की जानकारी अमेरिका ने तुर्किए के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोआन को पहले ही दे दी थी।
Axios की एक रिपोर्ट के मुताबिक व्हाइट हाउस के सूत्रों ने इस बात का खुलासा किया है कि बमबारी से पहले ट्रंप ने एर्दोआन से दो बार फोन पर बात की थी। बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले की योजना बताई थी और प्रस्ताव दिया कि ईरान और अमेरिका की वार्ता तुर्किए के इस्तांबुल में करवाई की जा सकती है।
खामेनेई ने किया बातचीत से साफ मना
तुर्किए ने जब इस प्रस्ताव को ईरान तक पहुंचाया तो ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने उसे साफ़ इनकार कर दिया। खामेनेई ने कहा कि अमेरिकी शर्तों पर कोई परमाणु वार्ता नहीं होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, खामेनेई फिलहाल तेहरान के पास एक सुरक्षित बंकर में छिपे हुए हैं। खबर ये भी है कि जब एर्दोआन ने यह इनकार ट्रंप को दूसरी बार फोन बातचीत कर बताया, तो ट्रंप ने तत्काल बी-2 बम से हमला करने का आदेश जारी कर दिया।
अब सबकी नजर ईरान के जवाब पर
अब पूरे विश्व की नजर इस बात पर तिकी हुई है कि अब ईरान इस हमले का क्या जवाब देता है। खामेनेई ने सख्त चेतावनी दी है कि ईरान कोई खतरनाक तरीके से बदला लेगा। आशंका जताई जा रही है कि ईरान अमेरिका के मिडिल ईस्ट में मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकता है। यहां लगभग 50,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। वहीं ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान जवाबी कार्रवाई करता है, तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी, यहां तक कि सत्ता परिवर्तन की भी आशंका जताई है।
क्या होगा अब अगला कदम?
इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य पूर्व को एक बार फिर भयंकर युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। अब आगे ये देखना होगा कि ईरान अपनी जवाबी करवाई में कौन-सा बड़ा कदम उठाता है और क्या दुनिया एक और बड़े संघर्ष की तरफ बढ़ रही है।