दलाल पाकिस्तान को ईरान ने सिखाया सबक! पीस डील से पहले दहला बॉर्डर, ईरान ने दर्जनों आतंकियों को मौत के घाट उतारा

ईरान ने पाकिस्तान सीमा से घुसे जैश अल-अदल के दर्जनों आतंकियों को मार गिराया और हथियार बरामद किए, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।

By :  Shivam
Update:2026-04-22 20:06 IST

ईरान ने पाकिस्तान सीमा से घुसपैठ करने वाले दर्जनों आतंकियों को मार गिराया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान ईरान के साथ वार्ता की मेजबानी की तैयारी कर रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव अचानक बढ़ गया है।

रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी सुरक्षा बलों ने आतंकी संगठन ‘जैश अल-अदल’ की एक ऑपरेशनल टीम को निशाना बनाकर पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया। ये आतंकी पाकिस्तान सीमा से घुसकर सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के रास्क क्षेत्र में प्रवेश कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान कई आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।

ईरानी सरकारी मीडिया ‘तसनीम’ के मुताबिक, इस ऑपरेशन में जैश अल-अदल के कई सदस्य ढेर कर दिए गए और बड़ी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए हैं। हालांकि इस सैन्य कार्रवाई से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

जैश अल-अदल एक बलूच सुन्नी चरमपंथी संगठन है, जो लगभग 2012 से ईरान-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र में सक्रिय माना जाता है। यह संगठन ईरानी सुरक्षा बलों और आईआरजीसी पर हमलों के लिए कुख्यात है। रास्क क्षेत्र में इसके साथ सुरक्षा बलों की कई बार झड़पें हो चुकी हैं, जिनमें 2024 की घटनाएं भी शामिल हैं।

‘जैश अल-अदल’ का अर्थ अरबी में “न्याय की सेना” होता है। इसे 2012 के आसपास, पहले सक्रिय रहे संगठन जुन्दुल्लाह के कमजोर पड़ने के बाद उसके ही कुछ सदस्यों द्वारा बनाया गया माना जाता है। ईरान का आरोप है कि यह संगठन देश के दक्षिण-पूर्वी इलाकों में अस्थिरता फैलाता है और सुरक्षा बलों पर हमले करता है, जबकि यह खुद को बलूच सुन्नी समुदाय के अधिकारों की आवाज बताता है। इसे ईरान सहित कई देश आतंकी संगठन मानते हैं।

इस संगठन की गतिविधियां मुख्य रूप से ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान क्षेत्र, पाकिस्तान के बलूचिस्तान और अफगानिस्तान से सटे सीमावर्ती इलाकों तक फैली हुई हैं।

Tags:    

Similar News