इजरायल ने ट्रंप की उड़ाई धज्जियां! तेहरान में जलजला, इजराइल ने ईरान पर फिर दागे बम, युद्ध के मुहाने पर पूरी दुनिया
Israel bombs iran again: ईरानी मीडिया के मुताबिक धमाकों की आवाज़ ने पूरे तेहरान में दहशत फैला दी। ये धमाके अचानक नहीं थे, बल्कि इजराइल की ओर से की गई आक्रामक जवाबी कार्रवाई का हिस्सा थे।
Israel bombs iran again: दुनिया उस वक्त सन्न रह गई जब मंगलवार शाम तेहरान के उत्तरी हिस्से में अचानक दो बड़े धमाकों ने आसमान को चीर दिया। वो भी तब, जब कुछ घंटे पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ी उम्मीदों के साथ सीजफायर का ऐलान किया था। दुनिया भर में चैन की सांस ली जा रही थी, लेकिन इजराइल ने एक बार फिर अपने इरादों से आग में घी डाल दिया। तेहरान के ऊपर उठता धुएं का गुबार सिर्फ ईरान पर हमला नहीं था, बल्कि ये सीजफायर के ताबूत पर आखिरी कील थी।
ईरानी मीडिया के मुताबिक धमाकों की आवाज़ ने पूरे तेहरान में दहशत फैला दी। ये धमाके अचानक नहीं थे, बल्कि इजराइल की ओर से की गई आक्रामक जवाबी कार्रवाई का हिस्सा थे। इजराइल आर्मी रेडियो ने भी पुष्टि कर दी कि इजराइली एयरफोर्स ने तेहरान के पास मौजूद एक रडार सिस्टम पर सीधा हमला किया है। यह वही हमला था, जिसने आधिकारिक रूप से ट्रंप की सीजफायर डील को चकनाचूर कर दिया।
'इजराइल से खुश नहीं हूं', ट्रंप का गुस्सा फूटा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जिन्होंने खुद इस सीजफायर की पहल की थी, इस पूरे घटनाक्रम से आगबबूला हो गए। "मैं इजराइल से खुश नहीं हूं... मैंने पहले कभी इतने बम गिरते नहीं देखे। वे नहीं जानते कि वे कर क्या रहे हैं," ट्रंप का यह बयान जैसे पूरी दुनिया के कानों में गूंज उठा। वो इजराइल से बेहद नाराज नजर आए और पूरी तरह से निराश दिखे। ट्रंप का गुस्सा बेवजह नहीं था। उन्होंने खुद नेतन्याहू को फोन कर सीजफायर तोड़ने से रोका था, लेकिन इजराइली प्रधानमंत्री ने उसकी एक न सुनी। नेतन्याहू ने साफ कह दिया कि ईरान लगातार हमले कर रहा है और इजराइल को जवाब देना ही होगा। इजराइल का तर्क था कि ईरान ने पहले युद्धविराम का उल्लंघन किया और अब उन्हें पीछे हटना मंजूर नहीं।
सीजफायर की अर्थी उठी, क्या अब तीसरे विश्व युद्ध की दस्तक?
तेहरान पर ये हमला सिर्फ एक ‘रडार’ पर किया गया हमला नहीं है, ये पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता पर बम गिराए जाने जैसा है। जिस वक्त अरब देशों ने दोनों पक्षों से शांति की अपील की, उसी वक्त इजराइल ने दुनिया को बता दिया कि वो किसी की नहीं सुनेगा, न अमेरिका की, न अरब देशों की और न ही संयुक्त राष्ट्र की। सबसे खतरनाक बात ये है कि ये हमला उस वक्त हुआ जब ट्रंप खुद दोनों देशों के बीच ‘डीलमेकिंग’ में जुटे थे। अब सवाल उठ रहा है—क्या इजराइल ट्रंप की साख को ध्वस्त कर देना चाहता है? या फिर नेतन्याहू अपनी जिद में पूरी दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध में झोंकने का रास्ता खोल चुके हैं? ईरान ने हालांकि इस हमले में अभी किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं की है, लेकिन धमाकों की आवाज़ और राजधानी तेहरान के आसमान में फैले धुएं ने ये बता दिया है कि अब ईरान चुप नहीं बैठेगा। जवाब जरूर आएगा और वो जवाब सिर्फ इजराइल पर ही नहीं, शायद उन देशों पर भी होगा जो इजराइल को समर्थन दे रहे हैं।
दुनिया खामोश, लेकिन युद्ध बोल रहा है
इस वक्त पूरी दुनिया जैसे सांस रोके बैठी है। अरब देश अपील कर रहे हैं, ट्रंप गुस्से में हैं, संयुक्त राष्ट्र मौन है और इजराइल-ईरान के बीच जंग का डंका बज चुका है। अब देखना यही है कि ये जंग सिर्फ मिसाइलों तक सीमित रहती है या जल्द ही ये बारूद पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लेता है। तेहरान में उठता धुआं सिर्फ इमारतों का मलबा नहीं है, ये उस शांति की राख है जिसे दुनिया ने मिलकर बचाने की कोशिश की थी, और इजराइल ने एक झटके में राख कर दिया।