जापान के PM ने अचानक दिया इस्तीफा, अमेरिका बना इसकी बड़ी वजह, जानिए कैसे
जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने अचानक इस्तीफा दे दिया। चुनावी हार और अमेरिका के दबाव को इसकी बड़ी वजह बताया जा रहा है।
Japan PM Shigeru Ishiba Resign: जापान की राजनीति में अचानक एक बड़ा भूचाल आ गया है। प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह कदम न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सत्ता की कुर्सी कितनी नाजुक हो सकती है। इशिबा ने यह फैसला सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) में बढ़ती फूट और उनके नेतृत्व के खिलाफ उठ रहे विद्रोह को शांत करने के लिए लिया है। यह एक ऐसा राजनीतिक 'सेल्फ-गोल' है, जो किसी भी देश में सत्ताधारी पार्टी के लिए एक गंभीर चेतावनी हो सकता है।
चुनावी हार बनी इस्तीफे की वजह
शिगेरू इशिबा के इस्तीफे की जड़ें जुलाई में हुए ऊपरी सदन (हाउस ऑफ काउंसलर्स) के चुनाव में पार्टी की हार में हैं। इस हार के बाद से ही LDP के भीतर 'इशिबा को हटाओ' का आंदोलन जोर पकड़ने लगा था। पार्टी के कई नेताओं और सांसदों ने उनके नेतृत्व पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद से पार्टी के भीतर असंतोष का माहौल लगातार बढ़ रहा था। इशिबा ने हार के बाद सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी और इस्तीफे पर विचार करने का संकेत दिया था।
कमजोर पकड़ और अमेरिकी टैरिफ का दबाव
ऊपरी सदन के चुनावी नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया था कि इशिबा की पार्टी पर पकड़ कमजोर हो रही है। हालांकि, उन्होंने तब भी कहा था कि वह अपने पद पर बने रहेंगे। इसके पीछे मुख्य कारण अमेरिका के साथ चल रही टैरिफ को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत थी। उस समय, अमेरिका ने जापान पर टैरिफ को 25% से घटाकर 15% करने का निर्णय लिया था। इशिबा ने तब कहा था कि इस नाजुक समय में नेतृत्व में बदलाव करना एक बड़ी भूल होगी। लेकिन पार्टी के भीतर का दबाव इतना ज्यादा था कि उन्हें आखिरकार झुकना पड़ा।
15 साल का सबसे खराब प्रदर्शन और पार्टी का विरोध
इशिबा के कार्यकाल में पार्टी का प्रदर्शन पिछले दो बड़े चुनावों में बेहद खराब रहा। पिछले साल निचले सदन के चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन 15 साल में सबसे खराब था। उसके बाद जुलाई में ऊपरी सदन में भी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। इन लगातार हार ने पार्टी के भीतर इशिबा के खिलाफ विरोध को और भी मजबूत कर दिया। पार्टी के भीतर की इस कलह से बचने और पार्टी की एकता को बनाए रखने के लिए ही इशिबा ने पद छोड़ने का फैसला किया। उनका यह कदम एक तरह से पार्टी को बचाने के लिए उठाया गया बलिदान है। शिगेरू इशिबा का इस्तीफा जापान की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत का संकेत देता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि LDP किसे अपना नया नेता चुनती है और क्या नया नेतृत्व पार्टी को वापस पटरी पर ला पाता है।