जापान में 6.7 तीव्रता के भूकंप के बाद इवाते में सुनामी अलर्ट जारी
जापान ने इवाते में 6.7 तीव्रता के भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने तटीय इलाकों में 1 मीटर तक ऊँची लहरें उठने की चेतावनी दी है।
Japan Earthquake (Social Media)
जापान के इवाते प्रांत में रविवार को जोरदार भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.7 मापी गई, जिसके बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने तटीय क्षेत्रों में 1 मीटर तक ऊँची लहरें आने की आशंका जताई है। भूकंप का केंद्र समुद्र में था, जिसके चलते सुनामी का खतरा बढ़ गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाम 5:03 बजे (स्थानीय समय) आए इस भूकंप का झटका इवाते के मोरिओका शहर और याहाबा कस्बे में जापानी सीस्मिक स्केल पर स्तर 4 दर्ज किया गया। प्रशासन ने लोगों को तटीय इलाकों से दूर रहने, ऊँचे क्षेत्रों में जाने और समुद्र किनारे किसी भी गतिविधि से बचने की सलाह दी है।
जापान में भूकंप- सुनामी की आशंका क्यों अधिक
जापान प्रशांत महासागर के Pacific Ring of Fire क्षेत्र में स्थित है, जहाँ पृथ्वी की कई टेक्टोनिक प्लेटें — Pacific Plate, Philippine Sea Plate, Eurasian Plate और North American Plate — एक-दूसरे से टकराती और सरकती रहती हैं।
जब ये प्लेटें अचानक खिसकती हैं तो शक्तिशाली भूकंप आते हैं। समुद्र के अंदर आने वाले ऐसे झटकों से गहरे पानी में ऊँची तरंगें बनती हैं, जो तटों पर पहुँचकर सुनामी का रूप ले लेती हैं। इसी भौगोलिक स्थिति के कारण जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप और सुनामी प्रभावित देशों में शामिल है।
जापान में सुनामी का इतिहास
जापान ने अपने इतिहास में कई विनाशकारी सुनामियों का सामना किया है।
2011 का तोहोकू सुनामी सबसे भयंकर थी, जिसने 18,000 से अधिक लोगों की जान ले ली और फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट दुर्घटना का कारण बनी।
1896 की मेइजी सानरिकु और 1933 की शोवा सानरिकु सुनामी ने भी उत्तर-पूर्वी तटों पर भारी तबाही मचाई थी।
इसके अलावा 1946 नंकाइ और 1960 चिली सुनामी ने भी जापान के तटीय क्षेत्रों को प्रभावित किया।