खामेनेई की अंतिम विदाई में अमेरिका बनेगा विलेन? अपने ही देश में जनाजा निकालने से डर रहा है ईरान!

Ayatollah Khamenei Death Update: क्या ईरान को सता रहा है यूएस के हवाई हमलों का डर? अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद तेहरान में भारी तनाव, सुरक्षा कारणों से टला अंतिम विदाई का कार्यक्रम।

Update:2026-03-04 20:28 IST

Ayatollah Khamenei Death Update: पूरी दुनिया की सांसें थमी हुई हैं और मिडिल ईस्ट का आसमान बारूद के काले धुएं से ढक चुका है। इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा यह महायुद्ध आज अपने पांचवें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश नजर नहीं आ रही। 28 फरवरी की उस काली तारीख ने इतिहास बदल दिया जब अमेरिकी-इजरायली हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इस एक घटना ने पूरे पश्चिम एशिया को ज्वालामुखी के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। अब खबर आ रही है कि खामेनेई की अंतिम विदाई का कार्यक्रम भी अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया है। क्या यह किसी बड़े तूफान के आने से पहले की शांति है या ईरान किसी खौफनाक इंतकाम की तैयारी कर रहा है?

तेहरान में मातम के बीच मंडराता मौत का डर

ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई को विदा करने के लिए तीन दिनों का विशाल कार्यक्रम तय किया गया था, जिसमें लाखों की भीड़ उमड़ने वाली थी। लेकिन अचानक तेहरान टाइम्स की रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस अंतिम विदाई को स्थगित कर दिया गया है। असल में, तेहरान पर इजरायल और अमेरिका की मिसाइलें लगातार बरस रही हैं। ईरानी प्रशासन को डर है कि अगर लाखों लोग और देश के बड़े नेता एक जगह जमा हुए, तो इजरायल इसे 'गोल्डन चांस' मानकर भीषण हमला कर सकता है। आसमान में मंडराते इजरायली लड़ाकू विमानों और अमेरिकी ड्रोन्स ने ईरान को अपने ही सबसे बड़े नेता का अंतिम संस्कार करने से रोक दिया है। यह ईरान के इतिहास की सबसे बड़ी लाचारी और अपमान की स्थिति मानी जा रही है।

इंतकाम की आग और बातचीत के दरवाज़े बंद

दुनिया को उम्मीद थी कि शायद खामेनेई की मौत के बाद ईरान झुक जाएगा और अमेरिका के साथ टेबल पर बैठकर शांति की बात करेगा। लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट निकली। खामेनेई के बेहद करीबी और वरिष्ठ सहयोगी मोहम्मद मुखबेर ने सरकारी टीवी पर आकर साफ शब्दों में दुनिया को चेतावनी दे दी है। उन्होंने अमेरिका से किसी भी तरह की बातचीत की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। ईरान ने दो टूक कह दिया है कि वह झुकने वाला नहीं है। मुखबेर का यह बयान कि 'ईरान इस युद्ध को तब तक जारी रखेगा जब तक जरूरी हो', इस बात का संकेत है कि अब यह लड़ाई आर-पार की हो चुकी है। ईरान ने बातचीत के हर रास्ते पर ताला लगा दिया है और अब सिर्फ बंदूकों और मिसाइलों की भाषा बोली जा रही है।

कयामत की ओर बढ़ता मिडिल ईस्ट

इस महायुद्ध ने न केवल ईरान बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट की सुरक्षा व्यवस्था को तहस-नहस कर दिया है। एक तरफ इजरायल और अमेरिका अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ ईरान के समर्थक गुट भी अब सक्रीय हो गए हैं। खामेनेई की अंतिम विदाई का टलना इस बात का सबूत है कि ईरान के भीतर भारी असुरक्षा और अफरा-तफरी का माहौल है। जानकारों का मानना है कि ईरान चुपचाप अपने अगले सुप्रीम लीडर और जवाबी हमले की रणनीति तैयार कर रहा है। अगर ईरान ने कोई बड़ा पलटवार किया, तो यह युद्ध सिर्फ तीन देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लेगा। फिलहाल तेहरान की सड़कों पर सन्नाटा है, लेकिन यह सन्नाटा किसी बड़े धमाके की आहट जैसा लग रहा है।

Tags:    

Similar News