खामेनेई होश में आओ! ज़रूरत पड़ी तो ईरान को फिर से तबाह करेंगे" – ट्रंप के बयान से मचा दुनियाभर में हड़कंप
, Donald Trump statement: डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को धमकी, परमाणु ठिकानों पर हमले और खामेनेई के जवाब से दुनिया में तनाव बढ़ा। इज़रायल भी अगला हमला कर सकता है।
Donald Trump Statement-
Donald Trump statement: ईरान और इज़रायल के बीच सीजफायर होने के बाद तनाव कम हो गया है। इसी दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से कहा है कि अमेरिका ने हवाई हमलों के ज़रिए ईरान के न्यूक्लियर प्लांट को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो अमेरिका ईरान पर फिर से हमला करने से पीछे नहीं हटेगा। अगर ईरान ने दोबारा कोई संवेदनशील या खतरनाक गतिविधि शुरू की, तो अमेरिका फिर से कार्रवाई कर सकता है। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने यूरेनियम को खतरनाक स्तर तक समृद्ध किया, तो यह अमेरिका के लिए चिंता की बात होगी।
व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान ट्रंप ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि वे ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की बातों पर जल्द ही जवाब देने पर विचार कर रहे हैं। खामेनेई ने सीजफायर के बाद कहा था कि ईरान ने कतर में मौजूद अमेरिका के सैन्य अड्डे को तबाह कर दिया है। उन्होंने इसे अमेरिका के मुंह पर तमाचा बताया।
ट्रंप ने ईरान पर किए हमलों को लेकर उठे सवालों को खारिज किया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन रिपोर्टों को गलत बताया, जिनमें कहा गया था कि ईरान के परमाणु ठिकानों को उतना नुकसान नहीं हुआ, जितना अमेरिका दावा कर रहा है। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि ईरान के परमाणु स्थलों का निरीक्षण अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) या किसी भरोसेमंद संस्था से कराया जाए।
इज़राइल-हमास युद्ध जल्द खत्म होने की उम्मीद
गाजा में इज़राइल और हमास के बीच चल रहा युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। दावा किया जा रहा है कि यह लड़ाई अगले 15 दिनों में खत्म हो जाएगी। इसको लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के बीच बातचीत हुई है। दोनों नेता गाजा में युद्ध रोकने और अब्राहम समझौते को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। इसके अलावा, गाजा में इज़राइल की अगुवाई में यूएई और मिस्र के सहयोग से एक नई सरकार बनाने पर भी चर्चा हुई है।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बढ़ी चिंता
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ईरान ने सच में अपने परमाणु ठिकानों से संवर्धित यूरेनियम हटा दिया है? क्या अब भी वह यूरेनियम सुरक्षित है और उससे परमाणु बम बनाया जा सकता है? इसको लेकर दुनिया भर में चिंता और बहस तेज हो गई है।
दुनिया में परमाणु हथियारों की स्थिति
स्वीडन के थिंक टैंक SIPRI की जून 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में मौजूद 90% परमाणु हथियार सिर्फ अमेरिका और रूस के पास हैं। दुनिया भर में करीब 3,904 परमाणु हथियार, मिसाइल या विमानों में तैनात हैं। भारत, पाकिस्तान और उत्तर कोरिया भी अपने मिसाइलों पर परमाणु हथियार तैनात करने की तैयारी में हैं।
क्या ईरान भी बन जाएगा परमाणु शक्ति?
अमेरिका और इज़रायल को डर है कि कहीं ईरान भी पाकिस्तान और उत्तर कोरिया की तरह परमाणु शक्ति वाला देश न बन जाए। इज़रायल को इस बात की सबसे ज़्यादा चिंता सता रही है।
बयानों में विरोधाभास नुकसान हुआ या नहीं?
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई का कहना है कि उनके परमाणु ठिकानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। लेकिन ईरान के विदेश मंत्री का कहना है कि ठिकानों को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। उधर, अमेरिका के रक्षा मंत्री का दावा है कि उन्होंने ईरान के परमाणु ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया।
अमेरिका की नाराज़गी
जब भी यह कहा जाता है कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमले सफल नहीं हुए या ईरान फिर से परमाणु कार्यक्रम शुरू कर रहा है, तो अमेरिका नाराज़ हो जाता है। अब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिका के रक्षा मंत्री दोनों इस बात पर सहमत हैं कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
ईरान का दावा
जहां ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई कह रहे हैं कि कोई नुकसान नहीं हुआ, वहीं इज़रायल के रक्षा मंत्री का आरोप है कि ईरान अपना संवर्धित यूरेनियम छिपा रहा है।हालांकि, व्हाइट हाउस का कहना है कि उनके पास ऐसा कोई सबूत नहीं है कि यूरेनियम अभी भी ईरान में मौजूद है।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियां रख रही हैं नज़र
व्हाइट हाउस का कहना है कि अमेरिका और उसकी खुफिया एजेंसियां ईरान के परमाणु ठिकानों पर लगातार नजर बनाए हुए थीं। उनका मानना है कि जब हवाई हमला किया गया, उससे पहले यूरेनियम को ठिकानों से नहीं हटाया गया था।
इज़रायल के अधिकारियों के नए दावे
एक ओर अमेरिका यह कह रहा है कि ईरान में अब संवर्धित यूरेनियम मौजूद नहीं है, वहीं अमेरिका की न्यूज़ वेबसाइट Axios का दावा है कि इज़रायल के तीन बड़े अधिकारियों के पास ईरान के परमाणु कार्यक्रम की सीधी जानकारी है। उनका कहना है कि यूरेनियम इतनी मात्रा में है कि उससे एटम बम बनाया जा सकता है और यह इस्फहान की ज़मीन के नीचे बनी सुरंगों में छिपा है।
क्या इज़रायल फिर से हमला करेगा?
बताया जा रहा है कि बमबारी के बाद इन सुरंगों को दुनिया की नज़रों से छिपा दिया गया है। इज़रायली अधिकारियों का कहना है कि अगर ईरान ने फिर से इन सुरंगों से यूरेनियम निकालने की कोशिश की, तो उन्हें तुरंत पता चल जाएगा। अब बड़ा सवाल यह है, क्या इज़रायल अमेरिका को फिर से ईरान पर हमला करने का इशारा दे रहा है? या फिर क्या इस बार इज़रायल अमेरिका का इंतज़ार किए बिना खुद ही हमला करेगा?