ली जे-म्यांग बने दक्षिण कोरिया के नए राष्ट्रपति, जानिए उनके सामने क्या होंगी चुनौतियां
दक्षिण कोरिया में ली जे-म्यांग बने नए राष्ट्रपति। जानें उनके जीवन की कहानी, चुनावी जीत और सामने आने वाली विदेश नीति और आर्थिक चुनौतियां।
South Korean Minister
दक्षिण कोरिया में मंगलवार देर रात बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला, जब डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार ली जे-म्यांग राष्ट्रपति चुने गए। यह फैसला देश में पिछले कई महीनों से जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बाद आया है। यह उथल-पुथल उस समय शुरू हुई थी, जब पूर्व रूढ़िवादी राष्ट्रपति यून सुक येओल ने अचानक ‘मार्शल लॉ’ लगाने का फैसला लिया था। मतगणना के दौरान जैसे ही यह साफ हुआ कि ली जे-म्यांग बढ़त में हैं, उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी किम मून सू ने हार मान ली और कहा कि वह जनता के फैसले को विनम्रता से स्वीकार करते हैं। ली को करीब 48.86% वोट मिले, जबकि किम को 41.98% मत प्राप्त हुए।
ली जे-म्यांग अब बुधवार को ही राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। जीत के बाद उन्होंने अपने समर्थकों को धन्यवाद कहा और वादा किया कि वह अर्थव्यवस्था को सुधारने और उत्तर कोरिया के साथ शांति बढ़ाने पर काम करेंगे।
कौन हैं ली जे-म्यांग?
ली का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उन्होंने गरीबी में बचपन बिताया और एक फैक्ट्री में मजदूरी की। बाद में वह मानवाधिकार वकील बने और फिर राजनीति में कदम रखा। उनका जन्म 1963 में एक छोटे से गांव में हुआ था। 2022 में वह चुनाव हार गए थे, लेकिन इस बार उन्होंने जोरदार वापसी की है।
क्या होंगी उनकी चुनौतियां?
ली पर पहले चीन और उत्तर कोरिया के पक्ष में झुकाव और अमेरिका-जापान से दूरी के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि, उन्होंने साफ कहा है कि अमेरिका के साथ गठबंधन उनकी विदेश नीति का अहम हिस्सा रहेगा। अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौतियां हैं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कर नीति और उत्तर कोरिया का बढ़ता परमाणु खतरा। विशेषज्ञों का मानना है कि इन मुद्दों पर ली को संतुलन बनाकर चलना होगा। ली की जीत के साथ ही दक्षिण कोरिया में एक नया राजनीतिक अध्याय शुरू हो गया है।